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मंडी-छोटी काशी मंडी में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव आयोजन के अनेक महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक और आकर्षक पहलू हैं। प्रत्येक पहलु की अपनी एक रोचक गाथा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम किसी भी उत्सव की एक महत्वपूर्ण कड़ी होती है, यदि शिवरात्रि महोत्सव के सांस्कृतिक पहलु की बात करें तो मुख्य मंच पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा मेला समिति द्वारा शिवरात्रि उत्सव पर तथा उससे पूर्व भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करके समृद्व संस्कृति को पोषित किया जाता है । यह कार्यक्रम शिवरात्रि महोत्सव में आकर्षण का केंद्र रहते हैं। मंडी शहर के 500 वें साल में प्रवेश होने के सफर को यादगार बनाने के लिए शिवरात्रि महोत्सव में इस वर्ष संस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति में भी विशेष आकर्षण रहेगा।
अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के आयोजन के दौरान आयोजित की जाने वाली वाद्य यंत्र और देवलु नाटी प्रतियोगिता तथा नाटय मंचन, कवि सम्मेलन, शास्त्रीय संगीत पर आधारित गायन वादन, नृत्य भी शिवरात्रि महोत्सव में एक विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगें।
किसी भी प्रदेश की लोक संस्कृति उसकी अमूल्य धरोहर होती है। लोक नृत्यों, लोक गीतों में जन-जीवन की भावनाओं का सजीव चित्रण देखने को मिलता है और यह सामाजिक एकता का प्रतीक भी है।शिवरात्रि महोत्सव में आयोजित होने वाली वाद्य यंत्र तथा देवलु नाटी प्रतियोगिता का आयोजन देव संस्कृति की धरोहर व परिचायक है। प्रतिवर्ष इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन समूचे वातावरण को देव संस्कृति, देव आस्था की ब्यार से सरावोर कर देता है। यह मनोरम दृश्य देव संस्कृति से रूबरू करवाता है। इस वर्ष भी देवलु नाटी और वाद्य यंत्र प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर विशेष प्रयास किए गए हैं।भावनाओं की सुक्ष्म अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम शास्त्रीय संगीत भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य रत्न है। शास्त्रीय संगीत में गायन, वादन, नृत्य तीनों में इसका प्रयोग होता है। शिवरात्रि महोत्सव में इस बार भी शास्त्रीय संगीत पर आधारित नृत्य, गायन, वादन को अधिमान देकर स्तरीय कलाकारों को प्रोत्साहन दिया जाएगा । जिससे लोगों का मनोरंजन होगा तथा कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने को मंच उपलब्ध होगा।नाटक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि चिंतन और आत्म मंथन का माध्यम है जो समाज, संस्कृति तथा मानवीय भावनाओं को प्रतिबिम्ब करता है । नाटक मंचन की कला को जीवित रखने में मंडी शहर की अहम भूमिका है। मंडी शिवरात्रि में थिएटर कलाकारों को मंच प्रदान करके इस कला को प्रोत्साहित किया जा रहा है । इस वर्ष भी संस्कृति सदन में नाटकों का मंच होगा, जिसमें 8-10 थियेटर ग्रुप भाग लेंगे। जिससे लोगों का मनोरंजन होने के साथ ही थिएटर कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध होगा।कवि मनोरंजन के साथ विचार प्रदान करते हैं । कवियों की अभिव्यक्ति कभी प्रहार, कभी समाधान और कभी चेतावनी के रूप में व्यक्त होती है। शिवरात्रि के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें प्रतिष्ठित कवि व कवित्रियां भाग लेंगी। .मंडी शहर 500वें साल में प्रवेश होने के सुअवसर पर संकन गार्डन मंडी में भजन संध्या का भव्य आयोजन होगा। इस मौके पर हिमाचल के सुप्रसिद्व भजन गायन कलाकार अभिषेक सोनी एवं पार्टी तथा अन्य भजन मंडलियां शिवरात्रि से पूर्व भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे ।उपरोक्त विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन पर प्रकाश डालते हुए इन कार्यक्रमों की संयोजिका जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने बताया कि 10 फरवरी को संकन गार्डन में सायं 6 बजे से शास्त्रीय संगीत गायन, वादन व नृत्य, 11 फरवरी को संकन गार्डन में सायं 6 बजे से भजन संध्या, 12-13 फरवरी को संस्कृति सदन मंडी में सुबह 11 बजे से नाटक मंचन, 17 फरवरी को संस्कृति सदन मंडी में ही कवि सम्मेलन व मंडयाली गीता पाठ तथा 20 फरवरी को पड्डल मैदान में देवलु नाटी व बजंतरी प्रतियोगिता करवाई जायेगी।
