मंडी- हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देऊरी प्रकरण में राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कुंजलाल बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तीखे सवाल किए कि जब स्कूल का नया भवन पूरी तरह बनकर तैयार है, तो विद्यार्थियों को वहां स्थानांतरित क्यों नहीं किया जा रहा है और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से वंचित रखकर पुरानी जगह पर क्यों बिठाया जा रहा है; इस मामले की अगली सुनवाई अब 22 जुलाई 2026 को तय की गई है।
गौरतलब है कि मंडी जिला का यह स्कूल साल 2023 में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और भारी तबाही में पूरी तरह बह गया था, जिसके बाद सरकार ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए नए भवन का निर्माण करवाया था, लेकिन इसके उद्घाटन को लेकर अब भारी राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। विवाद तब और गहरा गया जब बीते 5 जुलाई 2026 को प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर खुद नए भवन की प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने स्कूल पहुंचे थे, लेकिन कथित तौर पर ऐन मौके पर आए एक फोन कॉल के बाद पूरी प्रक्रिया को रोक दिया गया और बच्चों की शिफ्टिंग टाल दी गई। राजनैतिक गलियारों और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा आम है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस नवनिर्मित भवन का उद्घाटन अपनी केंद्रीय नेता प्रियंका वाड्रा से ही करवाना चाहते हैं, जिसके लिए पहले भी उन्हें आमंत्रित किया गया था पर व्यस्तता के कारण उनका कार्यक्रम नहीं बन पाया और इसी राजनीतिक लाभ व श्रेय लेने की होड़ में बच्चों को तैयार भवन मिलने में लगातार देरी हो रही है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है और पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे शिक्षा मंत्री का सार्वजनिक अपमान बताया है और साफ कहा है कि राजनीतिक फायदे के लिए बच्चों को बिना भवन के रखना सरासर गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। अब याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंकुश दास सूद, अधिवक्ता नंदलाल ठाकुर और अधिवक्ता उदयनंद शर्मा द्वारा अदालत में की गई मजबूत पैरवी के बाद उच्च न्यायालय ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है, जिससे अब सुक्खू सरकार पर चौतरफा दबाव बन गया है कि वह राजनीतिक नफे-नुकसान को छोड़कर जल्द से जल्द छात्रों को नए सुरक्षित भवन में स्थानांतरित करे।
