मंडी : कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित जन शिक्षण संस्थान मंडी द्वारा सरदार पटेल विश्वविद्यालय में आयोजित ‘कौशल दीक्षांत समारोह’ रविवार को गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विभिन्न व्यवसायों में सफलतापूर्वक कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विद्या भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री विजय नड्डा तथा जन शिक्षण संस्थान मंडी के अध्यक्ष मोहन सिंह केशठा, उपाध्यक्ष तारिका सेन और शिक्षा समिति के अध्यक्ष ज्ञान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह के दौरान प्रशिक्षित युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जयराम ठाकुर ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने और ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कौशल आधारित शिक्षा से बढ़ता है स्वरोजगार
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आज का युग कौशल-आधारित शिक्षा का है। केवल डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि हुनरमंद होना आवश्यक है। कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को स्वावलंबी बनाती है, जिससे वे खुद स्वरोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम बनते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि 2015 में ‘स्किल इंडिया मिशन’ की शुरुआत के बाद देश में कौशल विकास को नई ऊंचाइयां मिली हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने के उद्देश्य से ‘राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन’, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और विश्वकर्मा योजना जैसी कई ऐतिहासिक पहल की हैं।
जन शिक्षण संस्थान मंडी ने 9,288 युवाओं को किया प्रशिक्षित
जन शिक्षण संस्थान मंडी के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने आंकड़े साझा किए कि वर्ष 2021 में स्थापना के बाद से संस्थान ने 2021-22 से अब तक 9,288 युवाओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है। इसमें सबसे सराहनीय बात यह है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं और वंचित वर्गों के प्रतिभागी शामिल हैं।
जन शिक्षण संस्थान द्वारा ब्यूटी, वेलनेस, फूड प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट और हेल्थकेयर जैसे आधुनिक व पारंपरिक क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप हुनर प्रदान किया जा रहा है।
अपने संबोधन में जयराम ठाकुर ने अपनी पूर्व सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश में कौशल विकास को बढ़ावा दिया और ‘मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना’ की शुरुआत की थी, ताकि युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के अवसर मिल सकें। हालांकि, उन्होंने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए अफसोस जताया कि इस कल्याणकारी योजना को बंद कर दिया गया है, जिससे राज्य में नए रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बल दिया कि जन शिक्षण संस्थान मंडी को आगामी समय में अधिक से अधिक युवाओं को उद्योग-अनुकूल, डिजिटल स्किल्स, डेटा एनालिसिस, फ़ूड प्रोसेसिंग और टूरिज्म से जुड़े आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देना जारी रखना चाहिए, ताकि हिमाचल के युवा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें।
