मंडी-मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राजस्व कार्यों के निपटारे में तेजी लाने और इनके समयबद्ध निस्तारण के लिए विशेष पहल की है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा अक्तूबर, 2023 से पूरे प्रदेश में तहसील स्तर पर राजस्व अदालतों का आयोजन किया जा रहा है।शुरुआत में राजस्व अदालत का आयोजन केवल इंतकाल के मामलों के निपटारे के लिए किया गया था। परन्तु, बाद में दिसम्बर, 2023 से तकसीम, राजस्व दुरुस्ती तथा निशानदेही के मामलों का भी निपटारा इन अदालतों के माध्यम से सुनिश्चित किया गया है। पूरे प्रदेश सहित मंडी जिला में भी माह के अंतिम दो दिनों में इनका सफल आयोजन सुनिश्चित किया जा रहा है।
गत 30 मई एवं 31 मई, 2025 को जिला में तहसील व उप-तहसील स्तर पर आयोजित राजस्व अदालतों में कुल 1239 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें इंतकाल के 1088, तकसीम (हुकमी एवं खानगी) के 47, निशानदेही के 71 व राजस्व दुरुस्ती के 33 मामले शामिल हैं। इन मामलों को मिलाकर जिला में गत मई माह में इंतकाल के कुल 3303, तकसीम के 259, निशानदेही के 594 तथा राजस्व दुरूस्ती के 126 मामले निपटाए गए।
मंडी जिला में अक्तूबर, 2023 से मई, 2025 तक कुल 19 राजस्व अदालतें आयोजित की जा चुकी हैं। जिला में आयोजित राजस्व अदालतों में इंतकाल के 27130, तकसीम के 881, निशानदेही के 810 तथा राजस्व दुरुस्ती के 302 मामलों का निपटारा किया गया। राजस्व अदालतों के आयोजन से जिला में मामलों के निपटारे को गति मिली है तथा काफी समय से लम्बित राजस्व मामलों की संख्या में भी आशातीत कमी आई है।जिला में राजस्व मामलों के निपटारे की गति तथा जनता को मिल रही समयबद्ध सेवा को देखते हुए कहा जा सकता है कि जिला में राजस्व अदालतों का आयोजन करना कारगर साबित हो रहा है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि प्रदेश सरकार की पहल पर राजस्व मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए जिला में सभी राजस्व अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। राजस्व अदालतों के आयोजन से इस कार्य में गति आई है और लोगों को घर-द्वार के समीप ही राजस्व कार्यों के निपटारे की सुविधा सुनिश्चित हो रही है।
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