मंडी-डॉ.मदन कुमार सोमवार को मंडी पुलिस के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता जिला अतिरिक्त दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने की।
कार्यशाला में जिला मंडी के करीब 50 पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया।इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए बने विभिन्न अधिनियमों पर अपडेट करना था। कार्यशाला में मुख्य श्रोत व्यक्ति के रूप में ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी एन. आर. ठाकुर, अधिवक्ता मुकेश सैनी और प्रोबेशन अधिकारी रमा कुमारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र पर एडीएम डॉ. मदन कुमार ने कहा कि समय समय पर कानून से जुड़े लोगों के लिए ऐसी कार्यशालाएं आयोजित होती रहनी चाहिए ताकि हमें नियमों और बच्चों की सुरक्षा के लिए किए गए कानूनी प्रावधानों व बदलावों की ठीक जानकारी मिल सके। सही कानूनी जानकारी बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने और उन्हें शोषण से बचाने के लिए कारगर साबित हो सकती है।
डॉ. मदन ने कहा कि बच्चों के लिए बने ये अधिनियम उनके सर्वोत्तम हितों की रक्षा करने,बच्चों को शोषण से बचाने, पुनर्वास, शिक्षा और गुणवतापूर्ण जीवन जीने के लिए अहम भूमिका निभाते है तथा पुलिस के लिए भी रोडमैप का काम करते है। अतः पुलिस की निष्पक्ष एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली से बच्चों का भविष्य संवर सकता है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन. आर . ठाकुर ने प्रतिभागियों को बाल अधिकारों,किशोर न्याय अधिनियम, बाल शोषण व बाल तस्करी रोकथाम के खिलाफ पुलिस की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने खोए बच्चों पर सर्वोच्च न्यायालय बनाम तमिलनाडु सरकार मुकदमे पर दिए फैसले पर भी पुलिस से जानकारी सांझा की । अधिवक्ता मुकेश सैनी ने बाल यौन अपराधों, प्रभावित बच्चों के लिए वित्तीय सहायता और पोक्सो अधिनियम की जानकारी रखी। प्रोबेशन अधिकारी रमा कुमारी ने बाल विवाह और बालश्रम अधिनियम पर अपने विचार साझा किए। सभी वक्ताओं ने बड़ी गहराई से अपने अपने विषयों को छुआ और इससे जुड़े कानूनी पहलुओं और प्रावधानों बारे ठीक और स्टीक जानकारी प्रतिभागियों के समक्ष रखी।
