मंडी -मंडी जिले के द्रंग क्षेत्र में निर्माणाधीन नारला-बिजणी सुपर हाईवे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से खतरे की जद में आए देवेंद्र सिंह पुत्र सुंदर लाल और मुरारी लाल पुत्र बसंत राम, निवासी ग्राम मसेरण, तहसील पधर, जिला मंडी, के परिवारों ने घर खाली करवाने के बाद गुरुवार को विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रभावित परिवारों के समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए निर्माण कंपनी का घेराव किया और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास तथा जिम्मेदार अधिकारियों व कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
इस दौरान द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों व ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों और निर्माण कंपनी से मामले का जल्द समाधान निकालने तथा प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की बात कही।प्रभावित परिवारों का आरोप है कि गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी की कथित लापरवाही के कारण उनके नए बने मकानों में गहरी दरारें आ गईं और प्रशासन ने उन्हें घर खाली करने के आदेश जारी कर दिए। अब दोनों परिवार किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं और उचित मुआवजा व पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
उपमंडल प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सुपर हाईवे की ढलान धंसने और उससे उत्पन्न खतरे को देखते हुए दोनों परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस 4 अगस्त 2026 को ग्रामीण राजस्व अधिकारी, पटवार वृत्त पाली, तहसील पधर द्वारा जारी किया गया है।
उधर, एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभाग और निर्माण कंपनी को आवश्यक सुरक्षा उपाय करने तथा मामले में नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब प्रभावित परिवारों के प्रदर्शन के बाद इस मामले में प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
