मंडी-डी.ए.वी. सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, जवाहर नगर, मंडी (हिमाचल प्रदेश) में श्रावणी पर्व के पावन अवसर पर 17 अगस्त 2026 से आयोजित किया जा रहा वैदिक सप्ताह शनिवार, 22 अगस्त 2026 को एक अत्यंत भव्य एवं आध्यात्मिक शोभायात्रा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सुबह 11:30 बजे पड्डल मैदान से प्रारंभ हुई यह शोभायात्रा स्टैंडर्ड होटल, आज़ाद ड्राई क्लीनर्स, गांधी चौक, बाटा शोरूम, भूतनाथ बाज़ार, तथा कोमल पेन हाउस से होती हुई सेरी मंच पर जाकर संपन्न हुई।
शोभायात्रा में सबसे आगे चार विद्यार्थी चारों वेद धारण कर चल रहे थे।जिनके पीछे ‘वेद, संस्कार एवं संस्कृति’ की होल्डिंग, संगीत दल, अनुशासित नृत्य दल, तथा 20-25 अनुयायी शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहे थे। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथियों में सुमन ठाकुर मेयर, नगर निगम मंडी, जितेंद्र शर्मा डिप्टी मेयर, नगर निगम मंडी, रजनी पार्षद, कृष्णा, पार्षद, महेश बहल, अध्यक्ष, आर्य समाज मंडी, समाज के आचार्य वेद मित्र शास्त्री सहित आर्य समाज की समस्त कार्यकारिणी, प्रशांत,प्रधानाचार्य, डीएवी नेरचौक, एल. एम. सी. सदस्यों में गौरव मारवाह तथा डॉ. डी. के. अरोड़ा सहित समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। जिनके साथ अध्यापकों का दल, अष्ट-मंत्र की होल्डिंग थामे बच्चे और आर्य समाज के नियमों का प्रचार करते विद्यार्थी भी शामिल थे। यात्रा का मुख्य आकर्षण दो विशेष झांकियां रहीं जो दो ट्रैकों में सज धज कर सुशोभित थी। एक।ट्रक में ‘वैदिक यज्ञ’ का सुंदर दृश्य प्रदर्शित किया गया।जिसमें विद्यार्थी यज्ञ करते दिखे और एक बच्चा स्वामी दयानंद सरस्वती के रूप में सुशोभित था। जबकि दूसरे ट्रक में डी.ए.वी. की झांकी सजाई गई थी। जिसमें एक कुटिया के बाहर महात्मा हंसराज बच्चों को शिक्षा देते नज़र आए। इनके पीछे मधुर भजन गाता भजन दल, फैंसी ड्रेस पहने बच्चे, 30 बच्चों का वेद प्रचार दल, “नशा मुक्त समाज” का संदेश देते विद्यार्थी तथा हाथों में ओ३म् ध्वज थामे बच्चों की कतारें शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। संपूर्ण यात्रा के दौरान अनुशासन दल, शिक्षक, अभिभावक, अतिथिगण एवं आर्य समाज के सदस्य व्यवस्था और उत्साह बनाए रखने के लिए सबसे पीछे चल रहे थे। जयघोष की गूंज, वैदिक मंत्रोचारण और नशा मुक्ति के सामाजिक संदेश के बीच शहरवासियों ने इस अलौकिक दृश्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह विद्यार्थियों के लिए पानी और जूस की व्यवस्था करने के लिए प्रधानाचार्य ने स्थानीय दुकानदारों—किरण एम्पोरियम, प्रिंस स्कूल यूनिफॉर्म, और चंद्र फर्नीचर्स सौलीखड्ड—का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया।
शोभायात्रा के सेरी मंच पहुँचकर संपन्न होने के पश्चात विद्यालय प्रशासन द्वारा ऋषि प्रसाद के रूप में खीर का भंडारा भी लगाया गया।
शोभायात्रा के अंत में प्रधानाचार्य द्वारा सभी अतिथियों को सम्मानित किया गया और उनका शोभायात्रा में साथ चलने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य आदरणीय के. एस. गुलेरिया ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्य, आध्यात्मिकता, वैदिक संस्कृति, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्र-निर्माण एवं अनुशासन के मूल्यों का बीजारोपण करना है, ताकि हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और एकता का संदेश संपूर्ण समाज तक पहुँच सके