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मंडी-हिमाचल के प्रथम परशुराम अवार्डी, अंतरराष्ट्रीय पहलवान एवं अंतरराष्ट्रीय रेसलिंग कोच जॉनी चौधरी करेंगे भारतीय टीम के पहलवानों का चयन, रियो डी जेनेरियो जाएगी टीम इंडिया
मंडी जिला Sundernagar के जरल गांव निवासी एवं हिमाचल प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय रेसलिंग कोच जॉनी चौधरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। School Games Federation of India (SGFI) ने उन्हें ISF Gymnasiade-2026 (World School Games) के लिए भारतीय रेसलिंग टीम की Selection Committee में शामिल किया है।
SGFI की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, 20 और 21 सितंबर 2026 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में होने वाले U-18 रेसलिंग चयन ट्रायल में जॉनी चौधरी भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। इन ट्रायल से चयनित पहलवान 3 से 8 दिसंबर 2026 तक ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित होने वाले ISF Gymnasiade-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
जॉनी चौधरी को देश के बेहतरीन U-18 पहलवानों में से भारतीय टीम के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के चयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जिम्मेदारी उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय कुश्ती अनुभव तथा कोचिंग क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जॉनी चौधरी वर्तमान में SAI NCOE में रेसलिंग कोच के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। इससे पहले भी वह भारत की ओर से कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कोच की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
जॉनी चौधरी को मिली इस उपलब्धि पर मंडी जिला रेसलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित जामवाल एवं महासचिव सुरेंद्र चौधरी तथा हिमाचल प्रदेश रेसलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ठाकुर ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जॉनी चौधरी को मिली यह जिम्मेदारी पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि जॉनी चौधरी अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा एवं कुशलता के साथ निभाकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
वहीं, जॉनी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए SGFI की समस्त कमेटी एवं Wrestling Federation of India (WFI) का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस काबिल समझकर भारतीय टीम के चयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। वह पूरी ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे।
