मंडी शहर व मंडी चुनाव हल्का मेरी प्राथमिकता:अनिल शर्मा
–अपनी विधान सभा में हर मूल भूत सुविधा देना मेरा फ़र्ज़ है। जिस के लिए मैं हर तरह के विरोध को सहने के लिए हुं तैयार
- इनडोर स्टेडियम पड्डल को रघुनाथ के पधर में स्थानांतरित होने को लेकर मीडिया या सोशल मीडिया में चल रही खबरों का सदर विधायक ने खंडन किया और वस्तुस्थिति से मीडिया को अवगत करवाया।
सदर विधायक अनिल शर्मा ने कहा इंडोर स्टेडियम पड्डल को लेकर जो भ्रांतियां लोकल ऑनलाइन न्यूज पोर्टल या अन्य समाचार पत्रों के माध्यम से फैलाई जा रही है वो बिल्कुल तथ्य हीन है।
इंडोर स्टेडियम की सुविधा हमारे बच्चों और युवाओं को मिले ताकि वो नशे की तरफ न जा सकें और युवा नशे के दलदल में न पड़ कर खेलों के प्रति समर्पित हो सके, और मण्डी ही नहीं अपितु प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें और इसी मकसद से युवाओं और बच्चों को भविष्य में खेल सुविधा देने के लिए कार्य कर रहा हूं। इस इंडोर स्टेडियम का विरोध वो लोग करते रहे हैं जिनका कोई योगदान खेल या मंडी के विकास के लिए कभी नहीं रहा।जब चौहाट्टा के सौंदर्यकरण का कार्य शुरू हुआ था विरोध में पूरी मार्केट बंद कर दी गई थी। उस वक्त भी मैं पीछे नहीं हटा। आज वही विरोध वाले कुछ एक लोग उसी चौहाट्टा में आराम फरमाते हैं।
छोटे पड्डल की हालत किसी से छुपी नहीं है।अक्सर देखा गया है छोटा पड्डल पुलिस की गाड़ियों का पार्किंग स्थल बन के रह गया है या वहां कोई न कोई कमर्शियल एक्टिविटी होती रहती है, तब इन विरोध करने वालों को ग्रीन पैच नजर नहीं आता । ग्रीन पैच की बात करने वाले बताएं कहां है छोटे पड्डल में ग्रीन पैच? छोटा पड्डल इस वक्त बद से बदतर हालत में है।
मंडी के कुछ ऑनलाइन बिना रजिस्टर्ड के अखबार खबर को तोड़ मरोड़ के लिख रहे कि विरोध में विधायक और प्रशासन ने पड्डल से इंडोर स्टेडिम शिफ्ट कर दिया। उन्होंने बताया कि अभी भी स्टेडियम का डिजाइन पड्डल के अनुसार ही बन रहा और पैसा भी वहां के लिए ही आयेगा। मैनें अपने वक्तव्य में ये कहा कि सरकार चाहे तो वो जमीन उपलब्ध करवा के इसको रघुनाथ के पधर में बना सकती है। ये सरकार की इच्छा शक्ति पर निभर करता है। जो भविष्य के गर्भ में है।रघुनाथ का पधर हमेशा से मेरी प्राथमिकता रही है। जब स्वास्थ्य विभाग ने बेकार जगह देने से इंकार कर दिया तो डीपीआर को पड्डल में बनाने का फैसला लिया गया । पैसा तभी आएगा जब इसकी डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी ।जो अभी बनाई जा रही है वो भी अभी तक पड्डल में ही प्रस्तावित है। मैंने ये कहा था की यदि सरकार को जो प्रस्ताव भेजा गया है कि स्वास्थ्य विभाग के पास जो निजी जमीन है उससे सरकार अधिग्रहण करती है तो भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।
रघुनाथ के पधर में इंडोर के साथ साथ और अन्य खेलों को लेकर प्रोजेक्ट है जो अलग से बनाया जाना है। जिस में स्विमिंग पूल, हॉकी, रेसिंग ट्रैक,फुटबॉल इत्यादि खेलों के लिए बनाया जाएगा। ये इंडोर स्टेडियम खेलो इंडिया के तहत बनने जा रहा है ।मेरे द्वारा कही बातों को कुछ पत्रकारों ने न छाप कर उसके उलट ही लिखना शुरू कर दिया है। ये पत्रकारिता का गिरता हुआ स्तर है जो सच में बेहद चिंताजनक है। इस तरह खबरें चला के सनसनी पैदा कर के अपनी अखबार का नाम करने की नापाक कोशिश की जा रही है। और मेरे ऊपर दबाव के कारण इस फैसले से पीछे हटने का लिखा जा रहा जो सरासर गलत है।स्टेडियम का विरोध कर रहे कुछ एक लोगों द्वारा जनता का हितैषी बनने की नापाक कोशिश की गई और विरोध स्वरूप भूख हड़ताल में उनके सहित 5 लोग थे जो 11 बजे सुबह का नाश्ता कर के दिन के 4 बजे भोजन के समय पर भूख हड़ताल तोड़ रहे। मेरा हौंसला तो उसी दिन बढ़ गया था जब विरोध करने वाले का विरोध कुछ घंटों तक ही सीमित हो गया था । अगर इस विरोध में मंडी के बहुत से बुद्धिजीवी मतदाता होते या युवा खिलाड़ी होते तो भी समझा जा सकता था कि इनका विरोध जायज़ है,महज अपनी राजनीति चमकाने के मकसद से कुछ अखबारों से साठगांठ कर के भ्रमित खबर चलाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा जो बेहद शर्मनाक है।मैंने हमेशा सच की राजनीति की है गुमराह करने की नहीं।उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि अपनी विधान सभा में हर मूल भूत सुविधा देना मेरा फ़र्ज़ है। जिस के लिए मैं हर तरह के विरोध को सहने के लिए तैयार हूं। मंडी विधान सभा का निरंतर विकास करना मेरी प्राथमिकता है।
