मंडी-प्रदेश में हिमाचल ग्रामीण बैंक पांच नई ब्रांचे जल्द खोलेगा। वर्तमान में बैंक की देश भर में 274 शाखाओं कार्यरत हैं। बैंक की 5 नई शाखाएं खोलने से बैंक की पहुंच और अधिक सुदृढ़ हो जाएगी। बैंक प्रदेश के ग्रामीण, अर्ध-शहरी एवं शहरी क्षेत्रों में समस्त बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रहा है। हिप्र ग्रामीण बैंक के चेयरमैन राजेंद्र सिंह ने गुटकर में नए हैड ऑफिस का शुभारंभ करने के अवसर पर मिडिया को संबोधित करते हुए यह बात कही ।
इस मौके पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया रीजनल निदेशक अनुपम किशोर ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की, जबकि विशेष अतिथि डीसी मंडी अपूर्व देवगन ,राजेश कुमार अंचल प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक शिमला ,विवेक पठानिया मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड शिमला उपस्थित रहे। इस मौके पर मुख्य अतिथि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल निदेशक अनुपम किशोर ने कहा हि प्र ग्रामीण बैंक शानदार काम कर रहा है । इस बैंक ने थोड़े से अंतराल में बेहतरीन कार्य किया और ग्राहकों का विश्वास हासिल कर नए आयाम स्थापित किए हैं। ये हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के 50 वर्षों की गौरवशाली सेवा के स्वर्णिम पल हैं। चेयरमैन राजेंद्र सिंह ने कहा कि बैंक की स्थापना 23 दिसंबर 1976 को हिमाचल ग्रामीण बैंक मंडी में की गई थी, 13 फरवरी 2013 को हिमाचल ग्रामीण बैंक एवं पर्वतीय ग्रामीण बैंक का एकीकरण किया गया, जिसके फलस्वरूप एक सशक्त एवं समेकित संस्था हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक अस्तित्व में आया। इस एकीकरण से बैंक की सेवा क्षमता एवं कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
ग्रामीण बैंक की कुल जमा राशि 9,694 करोड़
उन्होंने बैंक की 99 प्रतिशत शाखाएं ग्रामीण अथवा अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। पिछले पांच दशकों में बैंक ने किसानों, महिलाओं, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों एवं लघु व्यवसायियों को सशक्त बनाकर राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज बैंक का कुल व्यवसाय 14,294 करोड़ है।जिसमें कुल जमा राशि 9,694 करोड़ और कुल उधार/ऋण एडवांस 4,600 करोड़ है।बैंक ने जमा में 4.34 प्रतिशत और उधार/एडवांस में 6.38 प्रतिशत की वर्ष-से-आज तक वृद्धि दर्ज की है। बैंक ने 30 दिसंबर 2025 तक अपने एनपीए को 142.59 करोड़ से घटकर 127.63 करोड़ किया है।
उन्होंने कहा कि इस बैंक को आज 12 जिलों में विस्तृत शाखा नेटवर्क के साथ मजबूत बनाया है। आज हम गर्व के साथ यह कह सकते हैं कि हि प्र ग्रामीण बैंक ने एक आम ग्रामीण व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चाहे वह किसान का कृषि ऋण हो, महिला स्वयं सहायता समूह का समर्थन हो या छोटे व्यवसाय के लिए पूंजी की आवश्यकता-बैंक ने हर मोड़ पर सेवा दी है। पिछले कुछ वर्षों में इस बैंक ने वित्तीय समावेशन के अलावा आधुनिक बैंकिंग प्रौद्योगिकी का उपयोग करके मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन जैसी सुविधाएं भी ग्रामीण ग्राहकों तक पहुंचाईं है, जिससे आज ग्रामीण ग्राहक भी डिजिटल वित्त की दुनिया से जुड़ रहे हैं। इस मौके पर सेवानिवृत कर्मचारियों को सम्मानित भी किया ।
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