Oplus_16908288
मंडी जोनल अस्पताल में ‘कायाकल्प’ के तहत दूसरे पीयर असेस्मेंट शुरू
मंडी: स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता और स्वच्छता के राष्ट्रीय मानकों को परखने के लिए जोनल अस्पताल मंडी में कायाकल्प कार्यक्रम के दूसरे चरण की निरीक्षण प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रथम चरण (इंटरनल असेस्मेंट) में 70% से अधिक अंक प्राप्त करने के बाद, अब जमीनी हकीकत जांचने के लिए हमीरपुर से पीयर असेस्मेंट टीम मंडी पहुंची है। टीम में डॉ.अजय अत्री व डॉ.आशीष शामिल रहे। यह योजना केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी के नाम से 15 मई 2015 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नाड़ा ने शुरू किया था।
υü
निरीक्षण के मुख्य बिंदु
डॉ. अजय अत्रि और डॉ. आशीष की दो सदस्यीय टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से मिलान किया। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित पक्षों पर ध्यान केंद्रित किया गया:
धरातल पर सत्यापन: ओपीडी, लेबर रूम, इमरजेंसी और वार्डों में रिकॉर्ड और सुविधाओं का मिलान।
तकनीकी मानक: संक्रमण नियंत्रण, स्टरलाइजेशन और बायो-मेडिकल वेस्ट निपटान की प्रक्रिया।
फीडबैक: मरीजों से दवाओं की उपलब्धता और स्वच्छता के संबंध में सीधा संवाद।
मूल्यांकन और पुरस्कार
यह जांच भवन रखरखाव, सुरक्षा, और ईको-फ्रेंडली प्रयासों जैसे 7 प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। यदि अस्पताल इस चरण के बाद अंतिम एक्सटर्नल असेस्मेंट में भी 70% से अधिक अंक बनाए रखता है, तो उसे कायाकल्प अवार्ड और प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इस राशि का 75% बुनियादी ढांचे और 25% कर्मचारियों के प्रोत्साहन पर खर्च किया जाएगा।
वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश ठाकुर ने कहा तथा उम्मीद जताई है कि अस्पताल इस चरण में खरा उतरकर अगले स्तर पर पहुंचेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023-24 में मंडी के सुंदरनगर अस्पताल ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था, जिसे दोहराना इस बार मंडी जोनल अस्पताल के लिए बड़ी चुनौती है।
