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मंडी-मंडी जिला के सदयाणा वार्ड से निकलकर आई यह खबर एक चुनावी नतीजा मात्र नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र के आंगन में लिखी गई बेहद भावुक, प्रेरणादायी, आंखें नम कर देने वाली अनूठी दास्तान है।यह कहानी साबित करती है कि जब निष्ठा की आंखें छलकती हैं, तो राजनीति का बड़े से बड़ा रसूख और रूतबा भी सादगी के आगे पूरी तरह घुटने टेक देता है। कल तक जो परस राम मंडी भाजपा कार्यालय की सीढ़ियों पर खड़े होकर, कड़कड़ाती ठंड और तपती धूप की परवाह किए बिना, हर आने-जाने वाले नेता, पदाधिकारी, आम कार्यकर्ता के हाथों में बेहद अदब और सम्मान के साथ चाय का गर्म कप थमाते थे, आज क्षेत्र की प्रबुद्ध जनता ने उन्हीं कर्मठ हाथों में अपनी तकदीर और पूरे क्षेत्र के विकास की चाबी सौंप दी है।भाजपा संगठन ने जब जिला परिषद के इस कड़े चुनावी दंगल में अपने इस सबसे अदने, निष्ठावान और वफादार सिपाही पर अटूट विश्वास जताया था, तो उस समय कई बड़े-बड़े राजनीतिक पंडित और विश्लेषक पूरी तरह हैरान रह गए थे।

इस बार भाजपा नेतृत्व और विशेषकर जयराम ठाकुर ने उनके नाम को आगे बढ़ा कर सबको चौंका दिया था, और आज यह सादा चेहरा चाय की केतली उठाने से लेकर बड़े-बड़े अफसरों के साथ सोफे पर बैठने तक की श्रेणी में आकर अपनी अद्भुत काबिलियत और सादगी का लोहा मनवा चुका है।
ये है इतिहास रचने वाले परसराम
भाजपा का कार्यालय हो या फिर पार्टी की कोई बड़ी और महत्वपूर्ण रैली, हमेशा अपनी पीठ पर जिम्मेदारी का भारी बोझ उठाए, चेहरे पर एक निश्छल, पवित्र मुस्कान लिए सभी को चाय परोसने वाले परस राम आज खुद राजनीति व सम्मान के मुख्य मंच के केंद्र में विराजमान थे।बरसों से जिन्होंने हमेशा सिर्फ दूसरों को बड़ी-बड़ी कुर्सियों और मंचों पर बैठते देखा था, आज जब जनता के अपार प्यार ने उन्हें जिप की दहलीज पर ला खड़ा किया, तो परस राम अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए और उनकी आंखें भर आई। गले में पड़े गेंदे के फूलों के ढेरों हार और गालों पर बहते खुशी के आंसुओं के बीच रुंधे गले से वे सिर्फ इतना ही कह पाए कि लोकतंत्र में सचमुच एक ‘चाय वाले’ की ईमानदारी और मेहनत का भी बहुत बड़ा मोल होता है। उनकी यह अभूतपूर्व जीत आज पूरे प्रदेश के हर उस छोटे, अंतिम पंक्ति के कार्यकर्ता की जीत बन गई है, जो बिना किसी स्वार्थ के दरी बिछाता है, दीवारों पर पोस्टर लगाता है और झंडे बांधता है। इस कांटे के मुकाबले में जनता ने बड़े-बड़े दावों, धनबल, रसूख को पूरी तरह दरकिनार कर परस राम के पक्ष में एकतरफा प्यार की जोरदार बरसात कर दी।
