मंडी-पत्र सूचना कार्यालय (PIB), शिमला द्वारा हिमाचल प्रदेश के मंडी में एक दिवसीय जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय “सूचना प्रसार में सुधार” (Improving Information Dissemination) रहा, जिसके तहत जन-कल्याणकारी योजनाओं, सटीक सूचना के त्वरित प्रसार, फेक न्यूज की चुनौतियों तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में मंडी के उपायुक्त (DC) अपूर्व देवगन, IAS उपस्थित रहे। वहीं, मंडी के पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार, IPS ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। आयोजन में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रबुद्ध पत्रकारों सहित विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन, IAS ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सही सूचना का प्रसार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मीडिया सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है। उन्होंने पीआईबी द्वारा आयोजित इस कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया के बीच संवाद व समन्वय और अधिक सुदृढ़ होता है।
उन्होंने आगे कहा कि सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवा उम्मीदवारों के लिए पीआईबी एक अहम और भरोसेमंद स्रोत है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर चर्चा करते हुए अपूर्व देवगन जी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सामर्थ को समझना अत्यंत आवश्यक है कि एआई क्या कर सकता है। साथ ही, उन्होंने एआई के ज़िम्मेदार इस्तेमाल पर ज़ोर दिया। आज के समय में ख़बर और किसी भी सूचना को जल्द प्रकाशित करने की दौड़ पर प्रकाश डालते हुए, देवगन ने कहा कि कोई भी कार्य समय के दबाव के चलते जल्दी में करना, बहुत आसान होता है पर हमें ज़िम्मेवार होना पड़ेगा क्योंकि यही जल्दबाज़ी अक्सर सही और सटीक फ़ैसला लेने पर प्रभाव डालती है।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि व पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, IPS ने समाज में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘नशा मुक्ति अभियान’ की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने युवाओं को सही दिशा देने और समाज को नशा मुक्त बनाने में मीडिया की सकारात्मक भूमिका को रेखांकित किया। इसके साथ ही उन्होंने जिले में कानून व्यवस्था को क़ायम रखने के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
कार्यशाला की शुरुआत पीआईबी शिमला के सहायक निदेशक संजीव कुमार शर्मा के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन करते हुए पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की कार्यप्रणाली और ‘वार्तालाप’ आयोजित करने के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जन-जन तक प्रामाणिक जानकारी पहुँचाने में मीडिया और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया तथा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
‘वार्तालाप’ में आगे विभिन्न विषयों पर कई तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सारगर्भित प्रस्तुतियां दी गईं।
फेक न्यूज की चुनौतियां और पहचान
आईआईटी (IIT) मंडी के प्रोफेसर वरुण दत्त ने डिजिटल युग में भ्रामक व गलत सूचनाओं (Fake News) के खतरों पर तकनीकी व्याख्यान दिया। उन्होंने फेक न्यूज की पहचान करने के व्यावहारिक तरीकों, तथ्य-जांच (Fact-checking) के साधनों और जिम्मेदारीपूर्वक सूचना साझा करने के महत्व को विस्तार से समझाया।
महिला सशक्तिकरण
महिला एवं बाल विकास विभाग, मंडी के डीपीओ (ICDS) अजय बद्रेल ने केंद्र व राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने जिले में महिलाओं व बच्चों के कल्याण हेतु चलाई जा रही योजनाओं और इस क्षेत्र में हासिल की गई विशेष उपलब्धियों का ब्योरा रखा।
बागवानी योजनाएं व नवाचार
बागवानी विभाग, मंडी की विषय वस्तु विशेषज्ञ (SMS) पूजा गौतम ने राज्य की अर्थव्यवस्था में बागवानी के योगदान पर बात की। उन्होंने विभाग द्वारा किसानों और बागवानों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं तथा क्षेत्र में अपनाए जा रहे आधुनिक कृषि-तकनीकी नवाचारों के बारे में बताया।
आपदा प्रबंधन के प्रयास जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) मंडी के आपातकालीन परिचालन केंद्र के प्रभारी प्रवीण भारद्वाज ने आपदा जोखिम को कम करने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा के समय त्वरित राहत, बचाव कार्यों और आपदा प्रबंधन में अपनाए जा रहे नवीन प्रयोगों से अवगत कराया।
मंडी की सांस्कृतिक विरासत (कलम चित्रकारी)
पहाड़ी लघु चित्रकारी के प्रसिद्ध कलाकार राजेश कुमार ने मंडी जिले की समृद्ध सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने पारंपरिक ‘कलम चित्रकारी’ के इतिहास, इसकी बारीकियों और इस विलुप्त होती कला के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
कार्यशाला का समापन पीआईबी की ओर से प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सुनील कुमार, प्रभारी, केंद्रीय संचार ब्यूरो, मंडी, ने सभी गणमान्य अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागी पत्रकारों और सहयोगी स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
