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मंडी -जिला परिषद थौना वार्ड-29 से प्रत्याशी रजनी देवी ने मतगणना प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन को शिकायत पत्र सौंपकर पुन: मतगणना करवाने की मांग उठाई है। इस दौरान सरकाघाट के भाजपा विधायक दलीप ठाकुर सहित कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रत्याशी रजनी देवी ने आरोप लगाया कि 31 मई की रात को हुई मतगणना के दौरान नियमों की अनदेखी कर परिणाम प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि पहले और दूसरे राउंड की मतगणना में वह बढ़त बनाए हुए थीं, लेकिन तीसरे राउंड में अचानक दो अतिरिक्त टेबल लगा दिए गए और मतगणना की प्रक्रिया बदल दी गई।उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों से केवल सात एजेंटों के पास मांगे गए थे और उतने ही पास जारी किए गए थे। लेकिन तीसरे राउंड में मतगणना टेबलों की संख्या बढ़ाकर नौ कर दी गई। आरोप है कि कई टेबलों पर बिना एजेंटों और उम्मीदवारों की उपस्थिति के मतगणना की गई। रजनी देवी के अनुसार जब उन्होंने मतगणना में कथित हेरफेर पर आपत्ति जताई तो काउंटिंग अधिकारियों ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मदद से एजेंटों को पीछे हटाया गया तथा कमरे को बंद कर परिणाम तैयार किया गया। उनका कहना है कि अंतिम परिणाम तैयार करते समय न उम्मीदवारों के हस्ताक्षर लिए गए और न ही एजेंटों के। उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान ही उन्होंने लिखित रूप में पुन: मतगणना के लिए आवेदन दिया था। संबंधित अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन देकर करीब एक घंटे तक इंतजार करवाया, लेकिन बाद में पुलिस बुलाकर उम्मीदवारों और एजेंटों को बाहर निकाल दिया गया और अचानक परिणाम घोषित कर दिया गया। रजनी देवी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पुन: मतगणना न होने का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि उपायुक्त द्वारा उनका आवेदन खारिज कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुन: मतगणना प्रत्येक उम्मीदवार का अधिकार है तो उनके मामले में ऐसा क्यों नहीं किया गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और पुन: मतगणना की मांग करते हुए कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगी।
वहीं,सरकाघाट के भाजपा विधायक दलीप ठाकुर ने कहा कि काउंटिंग के दौरान प्रशासन के अधिकारी वहां मौजूद थे। उन्हेंं फिर रिकाउंटिंग कराने की मांग की गई लेकिन हमारी कोई मदद नहीं की और वहां से चले गए। जबकि रिकाउंटिंग करवाना हर एक उम्मीदवार का अधिकार है तो भाजपा समर्र्थित प्रत्याशी के साथ क्यों ऐसा अन्याय क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारी वर्ग सरकार के इशारों पर काम कर रहा हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब कुछ माह की मेहमान है। भाजपा की सरकार प्रदेश में आना तय है। यह रजल्ट किसी राजनीतिक दबाव में आकर बदल दिया गया। इसका हमें जिला उपायुक्त से न्याय चाहिए व पुन: मतगणना की जाए। उन्होंने कहा की अगर हमें इंसाफ नही दिया गया तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
