मंडी-सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा भगवान श्रीराम को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर अपना सनातन विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है। चुनावी पराजयों और जनता के बीच लगातार घटते जनाधार से बौखलाई कांग्रेस अब करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम को भी राजनीतिक विवादों में घसीटने का प्रयास कर रही है।दलीप ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, मर्यादा, सत्य, त्याग और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में करोड़ों लोग प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा रखते हैं। ऐसे में उनके संबंध में की गई कोई भी अपमानजनक या गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करती है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की समस्या यह है कि वे अपनी राजनीतिक विफलताओं पर आत्ममंथन करने के बजाय हमेशा दूसरों पर दोषारोपण करने का प्रयास करते हैं। प्रदेश में लगातार चुनावी हार और जनता के बढ़ते आक्रोश से घबराए कांग्रेस नेता अब ऐसे बयान देकर सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं।दलीप ठाकुर ने कहा कि हाल ही में हुए नगर निगम, नगर परिषद, जिला परिषद और पंचायत चुनावों के परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता कांग्रेस की नीतियों और कार्यशैली को पूरी तरह नकार चुकी है। प्रदेशभर में भाजपा और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत से कांग्रेस नेताओं में बेचैनी और हताशा साफ दिखाई दे रही है।उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती दिखाई दे रही है तो उसे जनता के बीच जाकर अपनी विफलताओं का जवाब देना चाहिए, न कि भगवान श्रीराम जैसे आस्था के विषयों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाना चाहिए। कांग्रेस को समझना होगा कि श्रीराम करोड़ों लोगों की श्रद्धा के प्रतीक हैं और उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की टिप्पणी समाज स्वीकार नहीं करेगा।दलीप ठाकुर ने मांग की कि जगत सिंह नेगी अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही कांग्रेस नेतृत्व भी इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। यदि कांग्रेस वास्तव में देश की संस्कृति और आस्था का सम्मान करती है तो उसे अपने नेताओं की ऐसी बयानबाजी पर तत्काल रोक लगानी चाहिए।उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के प्रति देशवासियों की आस्था अटूट है और कोई भी राजनीतिक दल या नेता इस आस्था का अपमान करके जनता की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं कर सकता।
