मंडी-मुकदमे को तुरंत प्रभाव से निरस्त करने की मुख्यमंत्री से मांग
।मुकदमे को वापस नहीं लिया जाता है तो आने वाले समय में इसे लेकर पूरे प्रदेश के मीडिया कर्मी एक जुट होकर कोई कठोर निर्णय लेने पर होंगे बाध्य
हरियाणा चुनाव परिणाम के विष्लेशण को लेकर धर्मशाला से चलने वाले वेब पोर्टल दी न्यूजराडार में 8 अक्तूबर को प्रकाशित समाचार को लेकर उपरोक्त धारा के संबंध में सरकार द्वारा जो मुकदमा दर्ज किया गया है वह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। हिमाचल प्रदेश यूनियन आफ जनर्लिस्टस,
नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स व प्रैस क्लब मंडी जिला के सभी मीडिया कर्मी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं तथा मुख्यमंत्री से उपायुक्त के माध्यम से भेजे ज्ञापन में यह अनुरोध करते हैं कि प्रदेश सरकार व मीडिया कर्मियों के बीच जो सौहार्दपूर्ण वातावरण बना हुआ है उसे बरकरार रखने के लिए इस मुकदमे को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए। प्रदेश सरकार की तमाम योजनाओं, विकास के कार्याें व रोजाना लिए जाने वाले जनहित के निर्णयों व जरूरी सूचनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का काम हिमाचल के मीडिया कर्मी पूरी ईमानदारी व निश्ठा से कर रहे हैं। यदि इसमें कहीं सरकार को ऐसा लगता है कि गलत प्रकाशन हुआ है या किसी ने दुर्भावना से सरकार को नुकसान पहुंचाने का काम किया है तो उसका खंडन किया जा सकता है। उसे लेकर पक्ष रखा जा सकता है। मगर मुकदमा दर्ज करना जहां माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के विपरीत है। वहीं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आजादी पर भी गहरा प्रहार है। मुख्यमंत्री से आग्रह है कि इस मुकदमे को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए ताकि सरकार व मीडिया के बीच आपसी संबंध मधुर बने रहें। हमारा मानना है कि यदि इस मुकदमे को वापस नहीं लिया जाता है तो आने वाले समय में इसे लेकर पूरे प्रदेश के मीडिया कर्मी
एक जुट होकर कोई कठोर निर्णय ले सकते हैं।mn
फिर से अनुरोध है कि इसका कड़ा संज्ञान लें और तुरंत इस एफआईआर को रद्द करवाएं।

