मंडी-मंगलवार को HRTC पथ परिवहन पैंशनर कल्याण संगठन, मण्डी इकाई की बैठक वरिष्ठ नागरिक भवन में हुई। जिसमें सर्व रोशन कटोच, देवी सिंह, बलवन्त सेन, सुभाष शर्मा , लेख राज शर्मा, बलवीर, प्रकाश चन्द ,पद्मनाभ, कश्मीर सिंह, महेन्द गुलेरिया, दलीप शर्मा, नेक राम कटोच, यादविन्द्र शर्मा, दर्शन सिंह और सुशीला व राजेश्वरी सहित 90 के लगभग पैंशनरों ने भाग लिया। सर्व प्रथम हमारे वरिष्ठ पैंशनर/अधिकारी बृज लाल, लोहिया, उप मण्डीलय प्रबन्धक के अकास्मिक निधन पर शोक प्रकट कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इसके पश्चात बैठक में माननीय मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के आश्वासनो के बावजूदों संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा पैंशनरों की समस्यायों संम्बन्धित दिए मांग पत्रो पर गम्भीरता से विचार न करने और बैठक न बुलाने के परिणामस्वरूप HRTC के 9000 पैंशनरों में भारी रोष के कारण संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा सरकार व प्रबंधन को 13-11-2026 से शिमला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन देने के निर्णय का सर्वसम्मति से समर्थन किया गया और मण्डी ईकाई के सभी सदस्यों ने इस धरना प्रदर्शन में बढ़ चढ़ कर भाग लेकर सफल बनाने की प्रतिज्ञा ली। पैंशनरों में इस बात पर भी भारी रोष है कि HRTC प्रबंधन द्वारा इस माह पुनःपैंशन भुगतान 10 तारीख तक नहीं किया गया। क्योंकि कुछ जगहों पर पैंशन 14 तारीख तक नहीं मिली।
बैठक में मुख्यमंत्री महोदय से अनुरोध किया गया कि 7-6-2026 को उनके साथ हुई बैठक में लिए निर्णयानुसार HRTC पैंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ लम्बित समस्यायों के समाधान हेतु , शिघ्र ही बैठक निर्धारित करें, क्योंकि आज भी बहुत सी समस्याएं जैसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पैंशन व पैंशन लाभों का तुरन्त भुगतान, 3% DA की किस्त का भुगतान (जो कार्यरत कर्मचारियों को दे दिया गया है) , 50 व 30 Pay Matrix Level के आधार पर पैंशन का 2016 से पुनः संसोधन व एरियर भुगतान और 5,10,15 % पैंशन वृद्धि के एरियर भुगतान और सरकारी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय-समय पर दिए एरियर के अनुरूप ही HRTC के पैंशनरों को भी 2016 से संसोधित पैंशन एरियर का भुगतान लम्बित है। क्योंकि HRTC के 8500 के लगभग पैंशनरों को 2022 से आज दिन तक एरियर के नाम पर एक भी पैसा नहीं दिया गया है। अतः HRTC के लगभग 9000 सेवानिवृत्त कर्मचारी सरकार व प्रबंधन द्वारा उपेक्षा और भेदभाव के परिणामस्वरूप 13-11-2026 को शिमला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर हैं और जिसकी पुरी जिम्मेवार सरकार व प्रबंधन की होगी।
