बैहना वार्ड में श्री गुग्गा जाहर वीर की गाथा आज कल घर घर में जाकर मंडली दारों द्वारा गाई जा रही है। काला महीना शुरू होने के साथ
रक्षाबंधन के दिन श्री गुग्गा जाहर वीर जी की छड़ी मंदिर से बाहर निकाली जाती हैं और जन्माष्टमी तक मंडली दार छड़ी के साथ घर घर जा कर जाहर वीर के जीवन की गाथा का गुणगान करते है। और बाबा अपने भत्तों को आश्रीवाद देते हैं। नाग पंचमी तक बाबा का दरवार पूर्णरूप से भक्तजनों के लिए खुला रहता है।
श्री गुग्गा जाहर वीर श्री कृष्ण भगवान के सोलवे अवतार कहलाए जाते हैं।
इनका जन्म गड़महरू राज्य में हुआ था। इनका मूल स्थान राजस्थान के जिला हनुमानगड में गुग्गा मेहडी के नाम से प्रसिद्ध है।
