मंडी- लुप्त होती मंडी कलम को संरक्षित व सवंर्द्धित करने की दिशा में शनिवार को एक और कदम आगे बढ़ा है। भारतीय सांस्कृतिक निधि , इंटेक, के मंडी चेप्टर ने मंडी के चुनिंदा कलाकारों द्वारा तैयार की गई मंडी कलम पर आधारित कृतियों का नव संवत 2083 का कलैंडर प्रकाशित किया है। इसका शनिवार शाम राजमहल होटल मंडी में उपायुक्त अपूर्व देवगन ने विधिवत विमोचन किया
तथा इसे प्रयास को अभूतपूर्व व इतिहास को सरंक्षित करने की ओर एक और बढ़ता हुआ कदम बताया। इंटैक के संयोजक नरेश मल्होत्रा ने बताया कि इस कैलेंडर की विशेषता यह है कि इसमें युवा कलाकारों द्वारा मंडी कलम शैली में बनाए गए चित्र प्रकाशित किए गए हैं । उन्होंने बताया कि एक परियोजना के तहत युवा कलाकारों को ऐतिहासिक मंडी कलम चित्रकला में 6 महीने का तक प्रशिक्षित किया गया।
इन कलाकारों ने राज्य के प्रसिद्ध मंडी कलम चित्रकला के विशेषज्ञ राजेश कुमार की देख रेख में ने प्रशिक्षण हासिल किया। इन प्रशिक्षित युवाओं में विशाखा, सलोनी, अमित गुप्ता ,डिंपल, सुमन शर्मा, और शीला देवी शामिल है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक मंडी कलां चित्रकला शैली का पुनः परिवर्तन ( रिवाइवल) है ताकि 500 वर्ष पुरानी यह चित्र कला शैली लुप्त ना हो जाए। इन में युवा कलाकारों की चित्र पर आधारित इस कैलेंडर का विमोचन करते हुए मंडी जिला के उपायुक्त अपूर्व देव गन ने युवा कलाकारों को चित्रकला के लिए बधाई दी उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मंडी कलां जैसे विरासत से संबंधित सभी कलाओं के विकास के लिए पूरा सहयोग देगा उपायुक्त ने सुझाव दिया की स्थानीय लोगों और विशेष रूप से युवाओं को मंडी की कला और संस्कृति के उत्थान को एक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ना चाहिए इसके लिए जिला प्रशासन युवाओं के लिए समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
तथा इसे प्रयास को अभूतपूर्व व इतिहास को सरंक्षित करने की ओर एक और बढ़ता हुआ कदम बताया। इंटैक के संयोजक नरेश मल्होत्रा ने बताया कि इस कैलेंडर की विशेषता यह है कि इसमें युवा कलाकारों द्वारा मंडी कलम शैली में बनाए गए चित्र प्रकाशित किए गए हैं । उन्होंने बताया कि एक परियोजना के तहत युवा कलाकारों को ऐतिहासिक मंडी कलम चित्रकला में 6 महीने का तक प्रशिक्षित किया गया।
इन कलाकारों ने राज्य के प्रसिद्ध मंडी कलम चित्रकला के विशेषज्ञ राजेश कुमार की देख रेख में ने प्रशिक्षण हासिल किया। इन प्रशिक्षित युवाओं में विशाखा, सलोनी, अमित गुप्ता ,डिंपल, सुमन शर्मा, और शीला देवी शामिल है।इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक मंडी कलां चित्रकला शैली का पुनः परिवर्तन ( रिवाइवल) है ताकि 500 वर्ष पुरानी यह चित्र कला शैली लुप्त ना हो जाए। इन में युवा कलाकारों की चित्र पर आधारित इस कैलेंडर का विमोचन करते हुए मंडी जिला के उपायुक्त अपूर्व देव गन ने युवा कलाकारों को चित्रकला के लिए बधाई दी उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मंडी कलां जैसे विरासत से संबंधित सभी कलाओं के विकास के लिए पूरा सहयोग देगा उपायुक्त ने सुझाव दिया की स्थानीय लोगों और विशेष रूप से युवाओं को मंडी की कला और संस्कृति के उत्थान को एक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ना चाहिए इसके लिए जिला प्रशासन युवाओं के लिए समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
इससे पहले मुख्य अतिथि और कलाकारों का स्वागत करते हुए मंदिर तक के संयोजक नरेश मल्होत्रा ने कहा की इंटैक मंडी की विरासत से जुड़ी कला और संस्कृति को बचाए रखने वह बचाए रखने के लिए हर संभव कोशिश करेगी इसके लिए आम जनता के अलावा विशेष रूप से युवाओं को शामिल किया जाएगा मुख्य अतिथि का धन्यवाद करते हुए इंटैक के सह संयोजक अनिल शर्मा ने बताया
कि मंडी के 500 वर्ष पूरा होने में के संबंध में इंटैक ने एक कार्यक्रम बनाया है l
कि मंडी के 500 वर्ष पूरा होने में के संबंध में इंटैक ने एक कार्यक्रम बनाया है lइस अवसर भारतीय सांस्कृतिक निधि मंडी चैप्टर के संयोजक नरेश मल्होत्रा ,सह संयोजक अनिल शर्मा, सदस्य गण गजेंद्र बहल, राजीव कुमार, महेश पुरी,अजय सहगल, हरीश शर्मा, ,ललित कपूर, कमल मल्होत्रा, कैप्टन वाइ. सी. वैद्य महिला सदस्य वनिता मल्होत्रा इंदु शर्मा, मृदु गोयल, हेमलता पूरी , निशि कपूर प्रेम वर्षा, निपुण बहल, मंडी शहर के प्रबुद्ध नागरिकों में विनोद बहल ,राकेश शर्मा, रिटायर्ड सेशन जज तेजिंदर प्रोफेसर हर्ष कुमार, आर्टिस्ट राजेश कुमार आर्टिस्ट राजेश कुमार वैद्य , ,डॉक्टर हरबंस शर्मा रीना कपूर,iनरेश वैद्य, देतेंद्र , जयश्री, सुनीता पारुल कपूर उपस्थित रहे
