मंडी-कुल्लू सराज के आराध्य देव मार्कण्डेय ऋषि मंगलौर स्वर्ण रथ से सुशोभित हुए हैं। बुधवार को गांव मंजा में देवता की प्राण प्रतिष्ठा (गाडू) हुई जहां महिलाओं ने बसंत के गीत गाकर देवता का स्वागत किया। उसके बाद देवरथ गांव कंढेरी हजारों देवलुओं के साथ पहुंचा जहां बाकी देव कारज सम्पन्न हुए। यहां भी देवता का लोगों ने फूलों की वर्षा कर भव्य स्वागत किया। बता दें कि देवरथ के नए आभूषण, टोप और हार सोने के बनाए गए हैं। देवता के इस खास उत्सव में पांच हज़ार लोग उपस्थित हुए जिन्हें देवता की तरफ से हरियानों ने धाम खिलाई। देवता ने सभी को अपना आशीर्वाद दिया और पूरे इलाके में सुख समृद्धि बनाए रखने का संदेश दिया। इससे पूर्व गांव की महिलाओं ने पुष्पवर्षा और अखरोट फेंककर देवता का भव्य स्वागत किया। इस कार्यक्रम में कई देव समाज के प्रमुख प्रतिनिधि भी शामिल हुए जिनका स्थानीय देवलुओं ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। दोपहर बाद देवता के सम्मान में कुल्लवी नाटी का आयोजन हुआ जिसमें लोगों ने देवता के स्वर्णरथ में सुशोभित होने का जश्न मनाया।
