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मंडी -मंडी शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से लागू किए गए नए ट्रैफिक प्लान से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। यातायात व्यवस्था में बदलाव के बाद सुंदरनगर की ओर से मंडी आने वाली बसों के लिए शहर के प्रवेश द्वार के आसपास उचित ठहराव की व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों ने पुराने सुकेती पुल या पुलिस लाइन के सामने फ्रूट मार्केट के पास बस ठहराव बनाने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि शिमला, चंडीगढ़ और बिलासपुर सहित अन्य क्षेत्रों से मंडी आने वाले यात्रियों को शहर से करीब आधा किलोमीटर पहले बाईपास पर उतार दिया जाता है। यहां से शहर तक पहुंचने के लिए उन्हें थ्री व्हीलर का सहारा लेना पड़ता है, जिसके लिए करीब 50 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। लोगों का तर्क है कि इतनी राशि में तो सुंदरनगर से मंडी तक का बस किराया हो जाता है। यदि पुराने सुकेती पुल या पुलिस लाइन के सामने फ्रूट मार्केट के पास बसों का ठहराव निर्धारित किया जाए तो यात्रियों को शहर में आने-जाने में सुविधा मिलेगी और उन्हें अतिरिक्त किराया भी नहीं देना पड़ेगा।

नए ट्रैफिक प्लान से छूट रही यात्रियों की बसें:
लोगों के अनुसार, नए ट्रैफिक प्लान के तहत सुकेती पुल से आगे बसों के ठहराव पर रोक लगाने और बसों को गुरुद्वारे से आगे नए व्यास पुल की ओर मोड़कर बस स्टैंड तक पहुंचाने की व्यवस्था से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस व्यवस्था के कारण बस स्टैंड पर पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। कई बार यात्रियों को दूसरी जगह जाने वाली बस पकड़ने में देरी हो जाती है और उनकी बस छूट जाती है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए उठाए गए कदमों के साथ यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। सुंदरनगर की ओर से आने वाली बसों के लिए पुराने सुकेती पुल या पुलिस लाइन के सामने फ्रूट मार्केट के पास निर्धारित ठहराव होने से यात्रियों को राहत मिल सकती है।

बस स्टैंड से बाहर सवारियां बिठाने पर हो कार्रवाई
लोगों ने बस स्टैंड से बाहर निकलने वाली बसों की मनमानी पर भी रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि कई बसें अड्डे से निकलने के बाद पुलिस लाइन, आईटीआई चौक के मोड़ और पुराने सुकेती पुल के पास खड़ी होकर सवारियों का इंतजार करती हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ जाम की स्थिति भी पैदा होती है।लोगों ने मांग की है कि बस स्टैंड से बाहर निकलने के बाद बसों को निर्धारित स्थानों पर सवारियां बिठाने की अनुमति न दी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि बसों के लिए निर्धारित ठहराव और नियमों का सख्ती से पालन होने से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।
नए सुकेती पुल पर वन-वे व्यवस्था का भी विरोध
उधर, नए सुकेती पुल पर वन-वे यातायात व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि पुल पर हर रोज की तरह वाहनों की आवाजाही सुचारू रहनी चाहिए। उनके अनुसार, सोमवार को केवल बसों और सरकारी वाहनों की आवाजाही होने से पुराने सुकेती पुल पर आम वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे जाम की स्थिति पैदा होती है।लोगों ने मांग की है कि नए सुकेती पुल से आम वाहनों की आवाजाही भी सामान्य दिनों की तरह जारी रखी जाए, ताकि पुराने पुल पर यातायात का दबाव कम हो और शहर में जाम की समस्या से राहत मिल सके।
एसपी से मिलकर उठाया मामला:
नए ट्रैफिक प्लान से हो रही परेशानियों को लेकर लोगों ने एसपी मंडी विनोद कुमार से मुलाकात कर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने यात्रियों की समस्याओं और बसों के ठहराव को लेकर अपनी मांगें रखीं। लोगों के अनुसार, एसपी ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कुछ सुझावों पर सहमति जताई। उन्होंने सोमवार को मौके पर जाकर यातायात व्यवस्था का जायजा लेने और उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
एसपी मंडी विनोद कुमार ने कहा कि ट्रैफिक प्लान को लेकर लोगों ने समीक्षा करने की मांग उठाई हैं जिसपर समाधान निकाला जाएगा।
