मंडी -सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी में शुक्रवार को अर्थात 30 अक्टूबर विश्वविद्यालय के सभागार में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026
के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।यह सप्ताह 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक “समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा (Probity for Prosperity)” विषय के अंतर्गत मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक मूल्यों के महत्व के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम में सरदार पटेल विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. ललित अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकगण, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। 
अपने संबोधन में प्रो. अवस्थी ने कहा कि ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता किसी भी प्रगतिशील समाज और मजबूत संस्थान के मूल आधार हैं। इस वर्ष की थीम “समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा” का संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वास्तविक और स्थायी समृद्धि तभी संभव है जब हमारे संस्थान निष्पक्षता, जवाबदेही और नैतिक मूल्यों के आधार पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि किसी देश की प्रगति केवल उसकी आर्थिक उपलब्धियों और भौतिक विकास से नहीं, बल्कि उसके संस्थानों की विश्वसनीयता, कार्यप्रणाली और वहां कार्य करने वाले लोगों के नैतिक आचरण से भी निर्धारित होती है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने और डिग्रियां देने का केंद्र नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता के विकास का भी महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने शिक्षकगण, अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने आचरण, कार्यशैली, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए आदर्श प्रस्तुत करें। उन्होंने विश्वविद्यालय की सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर बल दिया।उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षाओं, नियुक्तियों, वित्तीय मामलों, खरीद-प्रक्रिया तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है। प्रत्येक कर्मचारी, चाहे उसका पद या जिम्मेदारी कुछ भी हो, विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए समान रूप से जिम्मेदार है। निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका अनियमितता होने के बाद कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि उसे पहले ही रोकने के लिए उचित व्यवस्था विकसित करना है। इसके लिए नियमों का पालन, पारदर्शी कार्यप्रणाली, सही अभिलेखों का रखरखाव और जिम्मेदारी के साथ निर्णय लेना आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों और कर्मचारियों से ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करने का आह्वान किया, जिसमें ईमानदारी और नैतिकता प्रत्येक कार्य का स्वाभाविक हिस्सा बनें। सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाते हुए कुलपति ने कहा कि यह शपथ केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे अपने दैनिक कार्यों और व्यवहार में भी अपनाना चाहिए।उन्होंने सभी कर्मचारियों से ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने कार्यों का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय की पहचान केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से ही नहीं, बल्कि उसकी प्रशासनिक पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और संस्थागत विश्वसनीयता से भी स्थापित होनी चाहिए।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा के अधिकारी एवं उप पुलिस अधीक्षक, सतर्कता, मंडी, श्री प्रियंक गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में भ्रष्टाचार की रोकथाम तथा सार्वजनिक संस्थानों में ईमानदारी और जवाबदेही को बढ़ावा देने में सतर्कता जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सतर्कता का उद्देश्य केवल भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा करना, नैतिक आचरण को प्रोत्साहित करना और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करना भी है।
श्री गुप्ता ने शिक्षकगण एवं कर्मचारियों के साथ संवाद भी किया तथा उन्हें सतर्कता जागरूकता सप्ताह के उद्देश्य और महत्व से अवगत करवाया। उन्होंने निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करने, प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा भ्रष्टाचार से संबंधित किसी भी घटना की उचित माध्यम से सूचना देने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार-मुक्त कार्य वातावरण के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति की जागरूकता और जिम्मेदारी आवश्यक है।कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) एवं प्राणी विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. गौरव कपूर ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि तथा अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकगण, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का औपचारिक स्वागत किया। अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के उद्देश्यों और इस वर्ष की थीम “समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा” की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सतर्कता किसी एक व्यक्ति या कार्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के प्रत्येक सदस्य की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सत्यनिष्ठा की शपथ का वास्तविक महत्व तभी है जब इसके मूल्यों को हम अपने दैनिक कार्यों और व्यवहार में अपनाएं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठातागण, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे।सभी ने सामूहिक रूप से सत्यनिष्ठा की शपथ ली तथा अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों के साथ करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव शशि पाल नेगी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।उन्होंने कुलपति का उनके प्रेरणादायक संबोधन एवं सभी को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशिष्ट अतिथि प्रियंक गुप्ता का भी उनके महत्वपूर्ण संबोधन एवं कर्मचारियों के साथ सार्थक संवाद के लिए धन्यवाद किया। साथ ही उन्होंने सभी अधिष्ठाताओं, अधिकारियों, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
