मंडी -HRTC पथ परिवहन पैंशनर कल्याण संगठन मण्डी इकाई की बैठक के डी अवस्थी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें सुरेश चन्द्र वर्मा, रोशन कटोच देवी सिंह, श्शर्मा, बलवन्त सेन, सुभाष शर्मा , पवन शर्मा, वीरी सिंह, यादवेन्द्र शर्मा, प्रकाश चन्द ,पद्मनाभ, नेक राम कटोच, पलस राम, इत्यादि 90 के लगभग पैंशनरों ने भाग लिया और सरकार व प्रबंधन की असंवेदनहिन्ता व भेदभाव के प्रति रोष प्रकट किया कि बार बार आग्रह के बावजूद पिछले कई महीनों से पैंशन भुगतान 15 व 30 तारीखो को किया जा रहा। इसके साथ ही 3% DA वृद्धि व एरियर जो पिछले तीन माह से लम्बित है और पैंशनरों से भेदभाव का सिलसिला बदस्तूर जारी है, क्योंकि सेवारत कर्मचारियों को इसका समय पर भुगतान कर दिया गया है। पिछले तीन वर्षों से HRTC 9000 के लगभग पैंशनर “व्यवस्था परिवर्तन” के नाम पर सरकारी अव्यवस्था के शिकार हो रहे हैं। हिमाचल सरकार के दुसरे सबसे बड़े उपक्रम के हजारो पैंशनरो से पिछले तीन वर्षों से भेदभाव से भेदभाव के शिकार हैं क्योंकि 50000 एरियर की क़िस्त का भुगतान आज दिन तक नहीं किया गया है और 70 वर्ष से अधिक सरकारी पैंशनरों को 2016 से पैंशन एरियर का बकाया 30% का भुगतान कर 100% एरियर दे दिया है, परन्तु HRTC पैंशनरों को एरियर के नाम पर पिछले तीन वर्षों से एक भी पैसा नहीं दिया गया है। इसके साथ ही चिकि त्त्सा बिलों के भुगतान की घोषणा व आश्वासनो के बावजूद पिछले तीन वर्षों से लम्बित है और बहुत से पैंशनर गम्भीर विमारियों से ग्रस्त हैं और आर्थिक कठिनाइयां का सामना करते- करते स्वर्ग सिधार रहे हैं। इसके अतिरिक्त न्यायालय द्वारा पैंशनरों के पक्ष में आये निर्णय के बावजूद 50 व 30 level of Pay Matrix के आधार पर पैंशन का पुनः संसोधन व 5,10,15 % पैंशन बृधि एरियर का भुगतान जानबूझकर कर विलम्ब किया जा रहा है। मुख्यमंत्री महोदय से पुनःअनुरोध है कि HRTC पैंशनरों की इन समस्यायों पर गंभीरता विचार कर HRTC को दी जाने वाली Grant in aid को आगामी बजट में 750 करोड से बडा़ कर 870 करोड़ किया जाऐ जिसमें से पैंशनरों को हर माह 25 करोड की राशि आबंटित कर समय पर पैंशन भुगतान सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही पैंशनरों को 3% DA वृद्धि और एरियर के साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के पैंशनरों को 2016 से देय एरियर के भुगतान व पैंशन लाभों हेतु समुचित राशि का प्रावधान भी इस बजट में किया जाऐ। क्योंकि HRTC प्रबंधन द्वारा लम्बे समय से पैंशन व पैंशन लाभों व एरियर का भुगतान नहीं करके पैंशनरों व वरिष्ठ नागरिको को प्रताड़ित किया जा रहा है जिसके कारण 30-35 वर्षों की प्रदेश सेवा करने पश्चात उम्र के आखिरी पड़ाव में ठगा महसूस कर रहे हैं।

