मंडी -हिमाचल देव सेना संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए “जंगल रोते हैं” शीर्षक से एक जागरूकता गीत का विधिवत विमोचन किया गया। इस अवसर पर गीत का विमोचन पुलकित गुलाटी आईएफएस वन विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा किया गया। यह गीत विशेष रूप से जंगलों में लगने वाली आग की बढ़ती घटनाओं को रोकने और आमजन को इसके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। गीत के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि मानव जीवन, पर्यावरण और जैव विविधता का आधार हैं।कार्यक्रम के दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि जंगलों में आग लगने से न केवल वन संपदा को भारी नुकसान होता है, बल्कि वन्य जीवों के जीवन पर भी संकट आता है और पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है। उन्होंने कहा कि “जंगल रोते हैं” गीत लोगों के दिलों को छूने वाला है और समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर पुलकित गुलाटी ने भी लोगों से आग्रह किया कि वे जंगलों में आग न लगाएं और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें, ताकि मिलकर इस गंभीर समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।संस्था ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे प्रकृति के संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और जंगलों को सुरक्षित रखने में सहयोग दें। कार्यक्रम में हिमाचल देव सेना संस्था के संस्थापक मनीष वत्स , अध्यक्ष तेजा ठाकुर तथा जिला मंडी अध्यक्ष सरिता हांडा विशेष रूप से उपस्थित रहे।संस्था का यह प्रयास “हमारी संस्कृति, हमारी पहचान” के संदेश के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।
