मंडी- हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम (हिमक्राफ्ट) मंडी द्वारा अप्पर बिजनी में मंडी कलम चित्रकला एवं शिल्प पर आयोजित कार्यशाला आज संपन्न हुई। इसका समापन उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में किया गया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और उनका उत्साहवर्द्धन भी किया।


उपायुक्त ने कहा कि एक माह की इस कार्यशाला के दौरान सभी प्रतिभागियों ने बेहद आकर्षक एवं सुंदर पेंटिंग्ज बनाई हैं। आम लोगों तक उनके इस हुनर को ले जाने के लिए आयोजकों की पहल पर इसकी एक प्रदर्शनी लगाने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस तरह के कार्यक्रमों को मूर्तरूप प्रदान करने तथा ललित कला को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन हमेशा कलाकारों एवं कारीगरों के साथ है। उन्होंने मंडी कलम को प्रोत्साहन देने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम (हिमक्राफ्ट) के प्रयासों की भी सराहना की।
कार्यशाला के दौरान बताया गया कि मंडी कलम की एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रही है जो सदियों पुरानी है। एक अनुमान के अनुसार सोलहवीं सदी से उन्नीसवीं सदी तक मंडी कलम लघु चित्रकला अपने चरम पर थी। मंडी कलम लघु चित्रकला इतिहास को भी दर्शाती है। इसमें स्थानीय लोककथाओं, प्रकृति और धार्मिक विषयों को बखूबी प्रदर्शित किया गया है, जो कुशल कारीगरों और चित्रकारों की पीढ़ियों से चली आ रही है।
हिमक्राफ्ट के जिला प्रभारी अक्षय सिंह डोड ने उपायुक्त का स्वागत कर उन्हें मंडी कलम पर आधारित एक पेंटिंग भेंट की। उन्होंने बताया कि एमएसएमई मंत्रालय द्वारा प्रायोजित इस कार्यशाला में 20 महिला कारीगरों ने भाग लिया, जिनको मंडी कलम लघु चित्रकला के साथ डिजाइनिंग स्किल अपग्रेडेशन और उद्यमिता विकास में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने नगर आयुक्त का भी कार्यशाला के लिए स्थान उपलब्ध करवाने पर आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में मास्टर क्राफ्ट पर्सन राजेश कुमार और डिजाइनर अंशुल मल्होत्रा ने प्रशिक्षण प्रदान करने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। -0-
