मंडी/थुनाग: हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और देव परंपराओं के प्रति अटूट श्रद्धा का अनूठा संगम शुक्रवार को सराज विधानसभा क्षेत्र के शंकरदेहरा स्थित नारठी में देखने को मिला। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने गृह क्षेत्र के प्रवास के दौरान देव विष्णु मतलोड़ा जी और देवी दुलासन जी के नवनिर्मित रथों की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विशेष रूप से शिरकत की। जयराम ठाकुर ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। उन्होंने नवनिर्मित रथों के समक्ष शीश नवाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और भारी संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य देवों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की पहचान उसकी प्राचीन संस्कृति और देवी-देवताओं के प्रति अगाध श्रद्धा से है। उन्होंने जोर देकर कहा, “देवभूमि में देवताओं के प्रति हमारा अटूट विश्वास ही हमारी सदियों पुरानी संस्कृति को सींचता है। आज हिमाचल को विश्व भर में जो ‘देवभूमि’ के नाम से विशिष्ट पहचान मिली है, वह हमारे इन्हीं देवी-देवताओं और आस्था का ही परिणाम है।” नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भी अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहना गर्व का विषय है। उन्होंने कामना की कि आने वाली पीढ़ियां भी इसी भाव और श्रद्धा के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखें। इस धार्मिक आयोजन के दौरान स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो हिमाचल की सामाजिक समरसता और धार्मिक आस्था का प्रतीक है।जयराम ठाकुर ने अंत में प्रार्थना की कि देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्रदेश के हर घर-आंगन पर बना रहे और क्षेत्र निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो।
