मंडी-हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 2024 में जारी एक कार्यालय आदेश द्वारा जल शक्ति विभाग के घरेलू उपभोक्ताओं को जोरदार झटका देते हुए अवांछनीय रूप से पानी की दरों में वृद्धि की गई थी।परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं में हाहाकार मच गया क्योंकि इन बढ़े हुए रेट के कारण पानी के मासिक बिलों में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई। आम घरेलू उपभोक्ता इससे परेशान होकर त्राहि त्राहि करने को मजबूर हो गया ।इस विषय को नागरिक सभा मण्डी ने प्रमुखता से उप मुख्यमंत्री महोदय के समक्ष उठाया परन्तु कोई भी समाधान नहीं निकला। तत्पश्चात पिछले पांच महीनों से नागरिक सभा मण्डी की वर्तमान कार्यकारिणी पानी की बढ़ी दरों के खिलाफ संघर्षरत थी। नवम्बर महीने में मुख्यमंत्री को इस विषय पर जनता के आक्रोश से अवगत करवा कर राहत प्रदान करने की माँग करते हुए पत्राचार किया गया और उनके कार्यालय द्वारा इस विषय पर विचार करने का आश्वासन दिया गया था। परन्तु कोई समाधान नहीं होता देख नागरिक सभा मण्डी ने नगर की 26 प्रमुख सामाजिक धार्मिक संस्थाओं की जनवरी माह में बैठक आयोजित कर पुनः मुख्यमंत्री महोदय को इन बढ़ी हुई दरों को वापिस लेने हेतु ज्ञापन भेजा गया।परिणामस्वरूप 2 अप्रैल 2026 को माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा हमारे द्वारा जनता के हक में उठाए गए इस महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय लेकर बढ़ी हुई दरें वापिस लेकर सभी प्रदेश वासियों को राहत पहुंचाई है जिसके लिए नागरिक सभा मण्डी उनका आभार प्रकट करती है। साथ ही हमारी सभी सहयोगी संस्थाओं द्वारा नागरिक सभा के संघर्ष में दिए गए योगदान के लिए साधुवाद । भविष्य में भी नागरिक सभा मण्डी जनहित के कार्यों के लिए प्रथम पंक्ति में खड़े रहकर अपनी भूमिका सक्रिय रूप से निभाती रहेगी
