मंडी-सोमवार को किसान सभा और अन्य संगठनों ने जेल भरो आंदोलन के आवाहन पर मंडी शहर में रैली निकाल कर धरना प्रदर्शन किया। तथा उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सोपा गया। जिसमें मांग की गई की मजदूर विरोधी चार लेबर कोड़ वापस लो। सभी श्रमिकों के लिए 42000 प्रतिमाह वैधानिक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए, मनरेगा को बहाल और मजबूत किया जाए तथा प्रतिवर्ष 200 दिनों के रोजगार की गारंटी के साथ न्यूनतम वेतन ₹700 प्रति दिन की मजदूरी सुनिश्चित की जाए। विद्युत निजीकरण विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025, और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लिया जाए। जबरन भूमि अधिग्रहण और कॉर्पोरेट समर्थक भूमि पूलिंग को रोककर भूमि अधिकारों की रक्षा की जाए। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता के अधिकार अधिनियम 2013, वन अधिकार अधिनियम 2006 और पंचायत अधिनियम 1996 द्वारा गारंटीकृत अधिकारों को कायम रखा जाए। स्मार्ट मीटर योजना वापस ली जाए और जबरदस्ती मीटर लगाना बंद करो। सभी योजना कर्मियों को ग्रेच्युटी दी जाए और पेंशन का भी प्रबंध किया जाए।भारत अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता को निरस्त करो । सभी फसलों के लिए C2 + 50% का न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी और सुनिश्चित सरकारी खरीद के लिए कानून बनाया जाए। ग्रामीण ऋणग्रस्तता को समाप्त करने और किसानों तथा दिहाड़ी मजदूरों की आत्महत्याओं को रोकने के लिए व्यापक ऋण माफी लागू की जाए। इस अवसर पर सीटू जिला महासचिव राजेश शर्मा किसान सभा राज्य कमेटी सदस्य जोगिंदर वालिया, सुरेश सरवाल, गोपेंद्र, सुरेंद्र, प्रवीण इत्यादि ने हिस्सा लिया।
