मंडी- बरसात के बीच मंगलवार को चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर झलोगी और हनोगी के पास हुए भूस्खलन से यातायात कई घंटे तक प्रभावित रहा। दोनों स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरने से मार्ग बंद हो गया।
झलोगी के पास सुबह करीब 6 बजे अचानक भूस्खलन हुआ। देखते ही देखते सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर जमा हो गए। जिससे दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। मार्ग को खोलने के लिए कंपनी की मशीनरी मौके पर लगाई गई और करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद सड़क को यातायात के लिए बहाल किया गया।
थाना औट में तैनात अतिरिक्त प्रभारी भूपेंद्र पाल ने बताया कि भूस्खलन के बाद एहतियातन यातायात रोक दिया गया था। उन्होंने वाहन चालकों और यात्रियों से बरसात के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने पर जरूरी न हो तो सफर करने से बचना बेहतर है।
इसी बीच हनोगी के पास भी सुबह करीब 8:30 बजे पहाड़ी से मलबा और पत्थर सड़क पर आने के कारण मार्ग बंद हो गया। लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंचकर सड़क बहाली का कार्य शुरू किया। करीब 11:30 बजे एक तरफ से यातायात चालू कर दिया गया, जबकि 12.30 बजे दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बहाल कर दी गई।
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ प्रवीण तलवार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग की टीम ने मौके पर तेजी से कार्य करते हुए मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया। राहत की बात यह रही कि झलोगी और हनोगी दोनों स्थानों पर हुए भूस्खलन में किसी व्यक्ति या पशु के नुकसान की सूचना नहीं है। बरसात के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, ऐसे में हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
