मंडी-महापौर सुमन ठाकुर ने सम्मेलन के राष्ट्रीय मंच के माध्यम से मंडी शहर और हिमाचल प्रदेश के शहरी क्षेत्रों से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों के नगर निकायों की परिस्थितियां मैदानी क्षेत्रों से अलग हैं और यहां भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित संसाधनों, यातायात एवं पार्किंग, कूड़ा-कचरा प्रबंधन, जल निकासी, बरसात एवं आपदा प्रबंधन तथा बढ़ते शहरीकरण जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास की नीतियां तैयार की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मंडी जैसे ऐतिहासिक एवं तेजी से विकसित हो रहे शहर को आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ उसकी भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए विकसित करना आवश्यक है। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न शहरों द्वारा अपनाई जा रही सफल योजनाओं एवं नवाचारों को मंडी में भी लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से भी महापौर सुमन ठाकुर की मुलाकात हुई। इस दौरान शहरी विकास, नगर निकायों को सशक्त बनाने तथा जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। सम्मेलन में कटारिया ने भी सशक्त महापौर, मजबूत नगर निकायों, पर्याप्त अधिकार एवं संसाधनों तथा नागरिक-केंद्रित शहरी शासन की आवश्यकता पर जोर दिया
