मंडी-मेरी चिंता छोड़ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी हिलती कुर्सी की चिंता करें जो कभी भी गिर सकती है। झूठी गारंटियों पर अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे से पड़ी फटकार के बाद मुख्यमंत्री अब असहज हो गए हैं जिन्हें कभी भी कुर्सी छीन जाने का डर सता रहा है। मंडी में प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने

पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने जो गांरटियां दी थी, उसे वो पूरा नहीं कर पाई और नतीजतन आज प्रदेश सरकार का दो वर्ष का कार्यकाल पूरे देश भर में तमाशा बनकर रह गया है। अब तो इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इनकी झूठी गारंटियों से असहज हो गए हैं। सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने जो गांरटियां दी थी, उसे वो पूरा नहीं कर पाई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम कह रहे हैं नेता प्रतिपक्ष अपनी गद्दी बचाने में लगे हुए हैं जबकि प्रदेश सरकार में कुर्सी सीएम सुखविंदर सिंह की ज्यादा हिलती हुई दिख रही है। भाजपा पर झूठ बोलने के आरोप लगाने वाले सीएम खुद रोजाना नया झूठ बोल रहे हैं। जिस कारण आज उनके मंत्री व विधायक अपनी ही सरकार से नाराज चले हुए हैं और विरोध स्वरूप अलग-अलग बैठकें कर रहें है। जय राम ने कहा कि आज मंत्रियों व उनके बीच उदघाटन को लेकर भी लड़ाइयां चली हुई है। उन्होंने मंडी जिला के पंहोह में प्रदेश के पहले रोपवे का जिक्र करते हुए कहा कि 53 करोड़ की लागत से यह रोप वे नाबार्ड के सहयोग से बनकर तैयार हो गया है लेकिन कांग्रेस नेताओं की आपसी लड़ाई के कारण अब इस रोपवे का उद्घाटन लटका हुआ है।क्योंकि इस रोप वे का श्रेय कांग्रेसी नेता खुद लेना चाहते हैं, जबकि पूर्व भाजपा सरकार यह प्रोजेक्ट लेकर आई है।ये देश का ऐसा पहला प्रोजेक्ट था जिसे नाबार्ड वित्त पोषित है लेकिन इसे हमारी सरकार ने तैयार करवाया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा जनता को दी जाने वाली गारंटियों का दौर खत्म होना चाहिए। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों व निर्दलीय चुनाव लड़ रहे नेताओं के लिए चुनाव आयोग को एक गाइडलाइन जारी करनी चाहिए। ऐसा उनका मानना है। जिस कारण आज प्रदेश
