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मंडी-इंडियन आयल की ओर से करवाया गया कुकिंग कंपिटीशन
-सागरी के चिल्हड़ू-भले और माह की दाल को मिला प्रथम स्थान,ममता और अंजू के सिडडू दूसरे स्थान पर
-देश के बारह करोड़ घरों तक पहुंचेगा हमारी रसोई हमारी जिम्मेदारी अभियान: नितिन टंडन

इंडियन आयल कंपनी की ओर से गृहणियों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रविवार को भ्यूली में कुकिंग कंपिटीशन का आयोजन करवाया गया। इस अवसर पर सरदार पटेल विश्वविद्यालय की प्रति कुलपति अनुपमा सिंह बतौर मुख्यमंत्री मौजूद रही। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एलपीजी इस्तेमाल के सुरक्षित उपाय कार्यक्रम के तहत इंडियन आयल को विभिन्न गैस एजेसियों के दायरे में आने वाली महिलाओं के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसकी जानकारी होनी चाहिए , जिससे घर में किसी तरह की अनहोनी का अंदेशा कम रहेगा। उन्होंने इंडियन आयल की ओर से जारी किए गए हमारी रसाई- हमारी जिम्मेदारी अभियान की सराहना करते हुए , कुकिंग कंपिटीशन में भाग लेने वाली गृहणियों के हुनर की प्रशंसा करने के अलावा उनके साथ मक्की की रोटी बनाने का भी अभ्यास किया। उन्होंने कहा कि समाज को यह संदेश देना चाहिए कि रसोई गैस का सुरक्षित प्रयास करें, खास कर गैस सिलेंडर की लिकेज का विशेष ध्यान रखा जाए। इस अवसर पर इंडियन आयल के क्षेत्रीय प्रबंधक नितिन टंडन ने कहा कि आयल मार्किटिंग कंपनी की ओर से देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें देश भर के करीब बारह करोड़ घरों में जाकर रसोई गैस उपकरणों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक आठ करोड़ घरों तक हमारी पहुंच हो गई है। शेष चार करोड़ घरों तक पहुंचने के लिए 31 दिसंबर तक का समय है। इस दौरान रसोई गैस उपकरणों की जांच के अलावा उनका बदलाव भी मौके पर किया जाता है। हमारी रसोई हमारी जिम्मेदारी अभियान के तहत स्कूलों में जाकर इस बारे जानकारी दी जा रही है। इस दौरान गैस वितरण एजेसिंयों राव गैस एजेंसी की प्रमुख सवीता राव, टारना गैस एजेंसी की सीमा बावा के अलावा नेरचौक रिवालसर और कोटली के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

कुकिंग कंपिटीशन: इंडियन आयल के क्षेत्रीय प्रबंधक नितिन टंडन ने बताया कि पहली दिसंबर को देश के हर जिला में कुकिंग कंपिटीशन का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंडी में भी इसका आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजन एवं पकवान इन गुहणियों द्वारा बनाए गए। जिनमें चावल के आटे के चिल्हड़ू, माह की दाल के भल्ले, मक्की की रोटी, माह की दाल, कोदरे की रोटी, सिडडू, हलवा आदि मौके पर बनाया गया। इस अवसर पर निर्णायक की भूमिका में लोक साहित्यकार रूपेश्वरी शर्मा और चंपा शर्मा मौजूद रही। कुकिंग कंपिटीशन में सागरी देवी के चिल्हड़ू , भले और माह की दाल को प्रथम पुरस्कार मिला। जबिक अंजू शर्मा और ममता के सिडडू दूसरे और मीना शर्मा की मक्की की रोटियां तीसरे स्थान पर रही । इसके अलावा विद्या ठाकुर,जय कुमारी, ज्योति, शानवी देवी, माया आदि ने भी बेहतरीन पकवान बनाकर अपनी पाक कला का प्रदर्शन किया।
