मंडी
हैडिंग-बेटे के जन्म से 19 दिन पहले ही हो गया था पति का स्वर्गवास, घर चलाने के लिए अब विधवा पत्नी ने सरकार से लगाई नौकरी देने की गुहार1
साल पहले घर में आग जलाते समय थीनर गिरने से भड़की आग से झुलसकर हो गई थी पति की मौत
पति की मौत के बाद के विधवा पत्नी के सिर पर आ गई है परिवार की सारी जिम्मेदारियां
मृतक भूपसिंह के हैं तीन छोटे-छोटे बच्चे, माता-पिता भी हो गए हैं बुजुर्ग, मुश्किल से हो रहा परिवार का गुजारा
-डीसी मंडी से मिलकर भी मृतक भूपसिंह की पत्नी हेमलता लगा चुकी हैं नौकरी देने की मांग
स्क्रिप्ट-सरकाघाट उपमंडल के तहत पड़ने वाली गैहरा पंचायत के जनीण गांव के भूपसिंह की एक साल पहले घर में आग जलाते समय अधिक मात्रा में थीनर गिरने के कारण भड़की आग से झुलसकर मौत हो गई थी। उसके बेटे ने अभी संसार भी नहीं देखा था कि उससे पहले ही उसके पिता का साया सिर से उठ चुका था। भूपसिंह के स्वर्गवास के 19 दिन बाद उसका बेटा पैदा हुआ लेकिन खुशी से ज्यादा परिवार को भूपसिंह के जाने का गम था। क्योंकि भूपसिंह परिवार में कमाने वाला इकलौता ही था और पूरे परिवार का वही एकमात्र सहारा था। भूपसिंह के बाद जाने के बाद अब परिवार का मुश्किल से गुजारा हो पा रहा है। मृतक भूपसिंह के तीन छोटे-छोटे बच्चे और माता पिता है, जिनकी सारी जिम्मेदारियां उनकी विधवा पत्नी हेमलता के सिर पर आ गई हैं। हेमलता की उम्र अभी महज 29 साल है और 34 साल की उम्र में उसके पति का देहांत हो गया है।
बता दें कि बीते साल 1 अक्तूबर 2023 को भूपसिंह की जलकर मौत हो गई थी और वह दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। मृतक भपसिंह का एक साल का बेटा यक्षित, 8 व 5 वर्षीय पायल-शिवन्या दो बेटियां हैै। भूपसिंह की माता विंद्रा देवी व पिता विरी सिंह अब बजुर्ग हो गए हैं। बच्चों को पढ़ाने-लिखाने और सास ससुर की सेवा की सारी जिम्मेदारियां हेमलता के सिर पर हैं। 8 वर्षीय बेटी पायल चौथी कक्षा व 5 वर्षीय शिवन्या अभी नर्सरी में पढ़ाई कर रही है।
परिवार का पालन-पोषण करने के लिए अब हेमलता सरकार व प्रशासन से नौकरी की गुहार लगा रही हैं। अब तक पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक हेमलता उसे नौकरी देने की गुहार लगा चुकी है। पिछले दिनों हेमलता ने डीसी मंडी अपूर्व देवगन से भी मुलाकात की है। हेमलता ने बताया कि पति की मौत के बाद परिवार का गुजरा मश्किल हो गया है। उससे सास-ससुर भी बजुर्ग हो गए हैं और ससुर पहले दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। लेकिन बीमारी के कारण अब वह भी अधिकतर समय घर में ही रहते हैं। हेमलता ने सरकार व प्रशासन से उसे नौकरी देने की गुहार लगाई है।
