Unहिंसा के खिलाफ सामूहिक प्रयास की जरूरत : चंपा ठाकुर हिंसा को रोकना और इसके खिलाफ आवाज़ बुलंद करना समय की जरूरत :अजय बड
जेंडर आधारित हिंसा जैसे ज्वलंत विषय पर जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा साक्षरता भवन मंडी में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य, पुलिस,लेबर, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कल्याण, जिला बाल संरक्षण इकाई , साक्षरता एवं ज्ञान विज्ञान समिति, पंचायती राज संस्थाओं, बाल देख भाल केंद्रों, चाइल्डलाइन, वन स्टॉप सेंटर, डाइट, ओपन शेल्टर होम , बाल कल्याण समिति, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण आदि से आए 100 से अधिक सदस्यों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का उद्घघाटन जिला परिषद सदस्य चंपा ठाकुर ने किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि समाज में आज भी महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा कम आंका जाता हैं। पितृसता के चलते महिलाओं के साथ भेदभाव का यह चक्र जन्म से पहले ही शुरू हो जाता है जहां लड़कियों के मुकाबले लडकों को ज्यादा महत्व दिया जाता है। जिसके कारण हम लिंग चयन आधारित भ्रूण हत्या के मामले देखते है। ये भेदभाव और असमान सामाजिक दर्जा महिलाओं पर होने वाली हिंसा के मूल कारण है।हालांकि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है फिर भी अभी इस तस्वीर को साफ करने के लिए बड़े प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने महिला हिंसा के खिलाफ सामूहिक प्रयास करने पर बल दिया। कार्यशाला के मुख्य स्त्रोत व्यक्ति एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी मंडी एन.आर. ठाकुर ने प्रतिभागियों को जेंडर आधारित हिंसा के कारणों, दुष्परिणामों,लक्षणों और संकेतों,आसानी से हिंसा की शिकार होने वाली महिलाओं, महिला हिंसा चक्र, हिंसा की रोकथाम और बचने के उपायों तथा सभी कानून पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाजिक जागरूकता और सामूहिक हस्तक्षेप ही महिलाओं को समाज में स्वाभिमान के साथ जीने और हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए ठोस आधार देगा। इस अवसर पर सरंक्षण अधिकारी शैलजा अवस्थी और प्रोबेशन ऑफिसर रमा ने भी मिशन वात्सलय, मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना, अन्य बच्चों ओर महिलाओं से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं,यौन उत्पीड़न व पॉक्सो एक्ट की जानकारी प्रतिभागियों के समक्ष रखी। कार्यशाला का समापन जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय बडरेल ने किया।उन्होंने कहा कि महिला हिंसा को रोकना और इसके खिलाफ आवाज़ बुलंद करना समय की जरूरत है ताकि समुदाय के सहयोग से इसमें अंकुश लग सके।
