- मंडी-मंडी में वकीलों ने दूसरे दिन भी किया धरना प्रदर्शन
कोर्ट में कामकाज ठप
बार एसोसिएशन मंडी के वकीलों ने मंगलवार को भी एडवोकेट एंवेंडमेंट बिल के विरोध में कामकाज ठप रखा। मंडी के वकील दो दिनों से अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर हें। इस दौरान मंडी की अदालतों में किसी भी वकील द्वारा कोई के स नहीं लड़ा गया। इस अवसर पर बार एसोसिएशन मंडी के प्रधान दिनेश सकलानी ने कहा कि जो वकीलों के खिलाफ काला कानून लाया जा रहा है उसक ा हम विरोध करते हैं। जिसके चलते वकील दो दिनों से हड़ताल पर हैं और इस कानून का पूरे देश्ख में विरोध हो रहा है। इसी कड़ी में मंडी में भी बार एसोसिएशन ने धरना प्रदर्शन किया। केंद्र के द्वारा इस कानून को वकीलों पर थोंपने के विरोध में नारेबाजी भी की। इस दौरान कोर्ट का पूरी तरह से बहिष्कार किया गया। वकीलों का कहना है कि यह कानून वकीलों के खिलाफ है तथा 1961 एडवोकेट एक्ट का संशोधन किया जा रहा है। जिससे वकीलों के अधिकारों का हनन हो रहा है। जो उन्हें मान्य नहीं है। इस संशोधित कानून के तहत यदि वकील कोई केस हारता है तो इस कानून के तहत उसे तीन लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। जो तर्कसंगत नहीं है। वकील सरकार का नहीं होता है वे अपना निजि कार्य करते हैं। जिससे वह अपनी रोजी रोटी कमाता है। सरकार का उनके कार्य में हस्तक्षेप करना तर्कसंगत नहीं है। केंद्र सरकार को इस बिल को वापिस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक बिल वापिस नहीं लिया जाता है तब तक यह विरोध जारी रहेगा।
