मंडी-गुरुवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी बाली चौकी लोकल कमेटी माकपा के सचिव महिंद्र राणा की अध्यक्षता में प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को तहसीलदार बालीचौकी के माध्यम से मांग पत्र सौंपा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने मांग पत्र में कहा कि आप की चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में है। एक तरफ सरकार कह रही है कि बीपीएल में शामिल धन्ना सेठों या अपात्र लोगों को बाहर करना है, परंतु दूसरी ओर BPLमें शामिल होने के लिए गरीब लोग तहसील के चक्कर काट रहे है। उनका 50000 ₹ से कम आय प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है। प्रशासन के अधिकारी समाजिक सुरक्षा पेंशन, मनरेगा और किसान सम्मान निधि को जोड रहे है। इस प्रक्रिया से ऐसा लगता है की सरकार पहले से शामिल अपात्र लोगों को सूची में रखना चाहती है। क्योंकि प्रशासनिक अधिकारी आय का कोई उचित मापदंड ना होने के कारण मात्र बीपीएल परिवारों को ही 50000 से कम आय प्रमाण पत्र दे रहे हैं ।जबकि बहुत से अपात्र लोग जिनके बैंक खातों से लाखों रुपए का लेनदेन होता है उन्हें 50000 से कम आय दी जा रही है। जबकि जो पात्र हैं जिन्हें असल में बीपीएल सूची में होना चाहिए उन्हें आय प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे ।जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। जबकि आय प्रमाण पत्र को बनाने में एक सप्ताह का समय लगता है। अतः उनकी मांग है कि सरकार इसके सही मापदंड तय करें और आवेदन करने की समय सीमा भी बढाई जाए। माकपा मांग करती है कि बीपीएल सूची पुनः बनाने के लिए पहले कमेटी गठित करके पंचायत में सर्वे किया जाए और जो पहले से अपात्र लोग है उन्हे बीपीएल की सूची से बाहर किया जाए या फिर पूरी प्रक्रिया को खुला करते हुए सही मानदंड के आधार पर आय प्रमाण पत्र दिया जाये। प्रतिनिधि मंडल में देवेंद्र कुमार, यदुनंदन राय, घनश्याम सिंह, होशियार सिंह, देवी सिंह, माकपा लोकल कमेटी सचिव महेंद्र राणा सहित कई लोग उपस्थित थे।
