बाल वृद्ध आश्रम तल्याहर मंडी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत स्वागत गीत से की गई, जिसको आश्रम के बच्चों की ओर से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान आश्रम के संस्थापक स्वर्गीय जय कुमार को याद कर उनकी याद में दो मिनट का मौन रखा गया। साथ ही इस सराहनीय कार्य को करने के लिए उनकी प्रशंसा की गई। इस दौरान पूर्व उपाध्यक्ष आर पी टंडन ने बताया कि आश्रम की स्थापन स्वर्गीय जय कुमार ने 1987 में की थी। रविवार को आश्रम के स्थापन दिवस के साथ वार्षिक अधिवेशन भी बुलाया गया । जिसका उद्देश्य गत छह वर्ष से कार्य कर रही कार्यकारिणी के कार्यों को अन्य सदस्यों के समक्ष रखना और नई कार्यकारिणी का गठन करना था। पुरानी कार्यकारिणी के समय पर आश्रम की आय केवल 30 हजार रुपये थी लेकिन दानी सज्जनों की मदद और कार्यकारिणी के प्रयासों से आश्रम की आय को 14 लाख तक पहुंचाया गया। आश्रम में 25 बच्चों के रहन सहन का प्रावधान किया गया है और यह सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान है। आश्रम में बच्चों के लिए हर सुविधा प्रदान की गई है और इसके संचालन के लिए आठ कर्मचारियों को तैनात किया गया है जिनके वेतन का भी प्रावधान करना पड़ता है। आश्रम में बच्चों के लिए कंप्यूटर लैब, पढाई और टयूश्न के लिए टीचर रखे गए, खेलने के लिए मैदान और ओपन जीम बनाया गया और योगा टीचर रखे, बच्चों के खाने के लिए उचित व्यवस्था की गई। सरकार की ओर से अभी तक आश्रम को गोद नहीं लिया गया है लेकिन जब से प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखबिंदर सिंह सुक्खू बने है तब से सुखाश्रय योजना के तहत बच्चों को सुविधा मिल रही है। जिसके तहत आश्रम के हर बच्चे को साल में एक बार कपड़े मुहेया करवाने के लिए पांच-पांच हजार मिल रहे है वहीं हर बच्चे को न्यूट्रैशन के लिए एक हजार रुपए हर माह मिल रहे है वहीं जिला प्रशासन का भी इसमें बहुत योगदान रहता है। जिसके कारण यह आश्रम चल रहा है।स्थापना दिवस पर पुरानी कार्यकारणी का समय पूरा होने पर उसे हाउस द्वारा भंग करके नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें गंगेश कपूर, अध्यक्ष, कुशल कपूर को उपाध्यक्ष, चिराग मल्होत्रा को महासचिव और बृज नंदन कपूर को कोषाध्यक्ष चुना गया।
