शुक्रवार को सीपीआई (एम) की लोकल कमेटी बल्ह का एक प्रतिनिधिमंडल साथी राजेश शर्मा की अध्यक्षता में बल्ह के उप-मंडल अधिकारी (नागरिक) श्रीमती स्मृतिका नेगी से मिला और बस किराये में हाल ही में की गई बढ़ोतरी करने के विरोध हेतु एक मांग पत्र मुख्यमंत्री हिमाचल सरकार को दिया गया जिसमे हिमाचल प्रदेश में पहले न्यूनतम बस किराए को 5 रूपये से बढ़ाकर 10 रूपये करने और फिर पुरे प्रदेश में बस किराए में 15% बढ़ोतरी के फैसले को सीपीआई (एम) की लोकल कमेटी बल्ह ने जनविरोधी करार दिया है।सीपीआई(एम) के लोकल कमेटी के सदस्य परस राम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में रेल सुविधा के अभाव में बस सेवा ही आवागमन का एक मात्र साधन है। ऐसे में बस किराए को 15 % बढाकर कर प्रत्यक्ष तौर पर प्रदेश की आम जनता पर आर्थिक बोझ लादा गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहले से ही भारी भरकम किराया वसूल किया जा रहा है और अब बस किराए को न्यूनतम 5 से 10 डबल करने और अब 15 % बढाकर गरीब व मध्यम वर्ग पर भारी बोझ पड़ेगा। अब किराया बढ़ाने से मजदूर, किसान, छात्र, नौजवान, कर्मचारी तथा बेरोजगार युवाओं पर इसकी मार पड़ेगी। सत्ता में आने के बाद प्रदेश की कांग्रेस सरकार एक और जहां लोगों को पहले से मिल रही सुविधाओं को छीन रही है, वहीं उन पर अतिरिक्त बोझ भी डाल रही है। दूसरी तरफ सरकार अपनी सुविधाओं को कम नहीं कर रही है विधायक व् मंत्रीमंडल के वेतन और भत्ते बड़ा लिए जिसके लिए बीजेपी एवं कांग्रेस एक साथ हो गई । अपने करीबियों को कैबिनेट रेंक देकर सरकारी खजाने पर बोझ डाला जा रहा है तथा उसकी भरपाई लोगों की जेब पर बोझ डाल कर की जा रही है। राज्य सरकार से इस बस किराया बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में साथी राजेश शर्मा, परसराम, जोगिंदर वालिया, गंगा राम, हेमराज, श्यामलाल, नरेश आदि शामिल रहे ।
