मंडी-पंछी राम ने हर दरबार पर लगाई गुहार, लेकिन किसी ने नहीं सुनी पुकार,एक सुरक्षा दीवार लगवाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा पंडोह का पंछी राम,पटवारी से लेकर तहसीलदार तक ने कर रखा है मौका, लेकिन सुध किसी ने नहीं ली।टनल के पोर्टल की कटिंग के लिए पंछी राम की जमीन से निकाली गई थी सड़क उसके बाद शुरू हुआ जमीन के धंसने का सिलसिला जो आज दिन तक नहीं रूका
पंडोह के साथ लगते दयोड गांव का पंछी राम अपनी धंसती जमीन को बचाने के लिए दो वर्षों से दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। ऐसा कोई अधिकारी या नेता नहीं जिसके पास पंछी राम अपनी फरियाद लेकर न गया हो, लेकिन आश्वासनों के सिवाय पंछी राम को और कुछ नहीं मिला। दरअसल दयोड़ गांव के पास पंछी राम की जमीन से टनल निर्माण का पोर्टल बनाने के लिए एनएचएआई ने सड़क बनाई थी। इस सड़क बनने के बाद पंछी राम की जमीन के धंसने का सिलसिला शुरू हुआ। पंछी राम ने अपनी जमीन को बचाने के लिए कई बार एनएचएआई, जिला प्रशासन, उपमंडलीय प्रशासन और नेताओं के पास फरियाद लगाई, लेकिन धरातल पर आज दिन तक कोई काम नहीं हुआ। पंछी राम का कहना है कि वह सिर्फ इतना ही चाहते हैं कि उनकी धंसती जमीन को रोकने के लिए एक सुरक्षा दीवार लगाई जाए, लेकिन उनकी इस मांग को कोई पूरा नहीं कर रहा और जमीन लगातार धंसती जा रही है।प्रभावित्त पंछी राम ने बताया कि उसकी जमीन भी फोरलेन निर्माण की भेंट चढ़ी है। जो जमीन उसके पास मौजूद है वो लगातार धंसती जा रही है। पंछी राम ने रूंधे हुए स्वर में बताया कि वो यहां पर घर बनाना चाहता है लेकिन जमीन की स्थिति देखकर हिम्मत नहीं हो रही है। पंछी राम के अनुसार मौके पर कई बार पटवारी से लेकर तहसीलदार तक ने मौका कर लिया लेकिन धरातल पर आज दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जमीन की दुर्दशा को जब परिवार वाले देखते हैं तो मन घबरा जाता है। इन्होंने जिला प्रशासन और एनएचएआई से यहां पर जल्द से जल्द सुरक्षा दीवार लगाने की गुहार लगाई है।
वहीं, जब इस बारे में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके ध्यान में नहीं है। यदि मामला ध्यान में आता है तो फिर उस पर नियमानुसार कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी।
