मंडी-जिला मंडी में आपदा प्रबंधन और मिशन वात्सलय पर चल रही दो दिवसीय कार्यशाला में दूसरे दिन जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन. आर. ठाकुर ने कहा कि मिशन वात्सल्य असहाय बच्चों की लाइफ लाइन है। उन्होंने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, नशे के कुप्रभावों और आपदा में बच्चों की सुरक्षा “घर से स्कूल और स्कूल से घर”मॉडल पर लम्बी बातचीत की। संरक्षण अधिकारी शैलजा अवस्थी,प्रोबेशन ऑफिसर रमा कुमारी और काउंसलर हर्षलता ने प्रतिभागियों को मिशन वात्सल्य के विभिन्न घटकों की जानकारी दी। उन्होंने बाल न्याय अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, बालविवाह, भिक्षावृत्ति, बाल मजदूरी, यौन शोषण और तस्करी, बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और परामर्श के महत्व आदि विषयों की जानकारी विस्तृत रूप से प्रतिभागियों के साथ साझा की। कार्यशाला का समापन बाल कल्याण समिति के चेयरमैन नीरज शर्मा ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मण्डी में मिशन वात्सल्य नई ऊंचाइयां छू रहा है तथा बेसहारा बच्चों के लिए एक सुरक्षा कवच की भूमिका निभा रहा है। किसी भी तरह की आपदा आने पर अच्छी तैयारी बच्चों की जान बचाने के लिया कारगर साबित होगी। उन्होंने बच्चों के आधिकारों, जरूरतों, संस्कारों और अभावग्रस्त स्थितियों में सुरक्षा देने हेतु ऐसे जागरूकता कैंपों के लगातार आयोजन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिला में बाल कल्याण समिति बच्चों के आधिकारों की रक्षा करने के लिए कृतसंकल्प है और मिशन वात्सलय ज़िला प्रशासन तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से अपनी मंजिल सफलतापूर्वक तय कर रहा है।
