मंडी-HRTC पैंशनर कल्याण संगठन, मंडी इकाई की मासिक बैठक सोमवार को वरिष्ठ नागरिक भवन मंडी में के डी अवस्थी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें सर्व सरेश चन्द्र वर्मा, चमन शर्मा, हेम राज ,लेख राज शर्मा ,तेज सिंह, जैदेव, बलवीर, यादवेन्द्र शर्मा, प्रकाश चन्द ,पद्मनाभ, नरेश,भारत भुषण, वीरी सिंह, इत्यादि 100 के लगभग पैंशनरों ने भाग लिया और रोष प्रकट किया कि इस माह पुनः पैंशन का का कोई अता-पता नहीं है। जबकि राज्यस्तरीय पदाधिकारियों द्वारा पिछले तीन महीनों में कई बार मुख्यमंत्री , उप मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, वित्त सचिव, परिवहन सचिव व प्रबंधक निदेशक से अलग-अलग भेंट कर HRTC पैंशनरों की समस्यायों, समय पर पैंशन भुगतान, मार्च 2024 के पश्चात सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पैंशन व पैंशन लाभ देने, लम्बित चिकित्सा बिलों का भुगतान व DA एरियर की दो किस्तों का भुगतान इत्यादि के निवारण बारे ज्ञापन सौंपने के बावजूद HRTC पैंशनरों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।बड़े दुख और हैरानी की बात है कि जब से मुख्यमंत्री द्वारा सचिवालय में संगठन के पदाधिकारियों को 7 मई , 2025 को हर माह 15 तारीख से पहले पैंशन भुगतान का आश्वासन व अधिकारियों को आदेश भी दिए तब से पैंशन 15 के बजाय हर माह के अन्तिम सप्ताह और अगस्त माह में तो 30 तारीख को मिली, वह भी जब विपक्ष द्वारा विधानसभा में HRTC पैंशनरों के भुगतान का मुद्दा उठाया था। इस माह फिर वेतन व पैंशन के लिए केवल 56 करोड़ जारी किये, जिसमें 45 करोड़ के लगभग वेतन भुगतान पर खर्च हो गए हैं और पैंशन के लिए पैसा कम हो गया है।जबकि सरकार और प्रबंधन को भली भांति पता है कि हर माह 67 करोड़ की आवश्यकता होती है, परन्तु हर माह अपर्याप्त राशि के परिणामस्वरूप केवल वरिष्ठ नागरिको व पैंशनरों को ही हर माह जानबूझकर परेशान व प्रताड़ित करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। वहीं दुसरी ओर न्यायालय ने भी सरकार व प्रबंधन को सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील होने के निर्देश के बावजूद सरकार व प्रबंधन गम्भीर नहीं है।
अतः इन परिस्थितियों स्थितियों के मध्यनजर सितंबर माह में जागरूकता व जनजागरण अभियान चलाया जाना था, परन्तु भारी बरसात व सरकार द्वारा प्रदेश को आपदा प्रभावित घोषित करने पर संवेदनशीलता दिखाते हुए स्थगित किया गया। परन्तु सरकार के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार के कारण अब धरना, प्रदर्शन व आन्दोलन के सिवा अन्य कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। राज्य कार्यकारिणी द्वारा शीघ्र ही निर्णय लिया जायेगा। जिसकी पुरी जिम्मेदारी सरकार व प्रबंधन की होगी ।
