मंडी-HRTC पैंशनर कल्याण संगठन, मण्डी इकाई की मासिक बैठक बुधवार को को वरिष्ठ नागरिक भवन मण्डी में के डी अवस्थी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें सर्व श्री चमन शर्मा, बलवन्त जिसमें लगभग 100 के करीब पेंशनरों ने भाग लिया।और रोष प्रकट किया कि वर्तमान सरकार के दौरान HRTC पैंशनरों से भेदभाव व सौतेला व्यवहार अपने चर्म सीमा पर है क्योंकि पिछले दो महीनो से पैंशन भुगतान आज दिन तक लम्बित है। परिणामस्वरूप 9000 के लगभग पैंशनरों को अपने परिवार का पालन पोषण करना अत्यधिक कठीन हो गया है और बृधावस्था में इलाज के लिए पैसे-पैसे के लिए मोहताज हो चुके हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने पिछले साल “HRTC स्वर्ण जयंती समारोह” में चकित्सा बिलों के भुगतान हेतु 9 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी परन्तु एक वर्ष बाद भी फुटी कौड़ी भी नहीं मिली। बैठक में HRTC पैंशनर संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा 15-10-2025 को अपनी समस्यायों व मांगों के समर्धन में HRTC मुख्यालय, शिमला से सचिवालय तक धरना प्रदर्शन करने के निर्णय को सफल बनाने हेतु रणनीति बनाई गई और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंडी इकाई से सम्बद्ध सभी पैंशनर शिमला धरना प्रदर्शन में शामिल होगे और क्योंकि भविष्य व अपने अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए संघर्ष ही एक मात्र रास्ता है।

पिछले तीन महीनों में मुख्यमंत्री , उप मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, वित्त सचिव, परिवहन सचिव व प्रबंधक निदेशक से अलग-,अलग HRTC पैंशनरों की समस्यायों, समय पर पैंशन भुगतान, मार्च 2024 के पश्चात सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पैंशन व पैंशन लाभ देने, लम्बित चकित्सा बिलों का भुगतान व DA एरियर की दो किस्तों का भुगतान, न्यायालय के आदेशो के बावजूद 5,10,15% पैंशन वृद्धि का एरियर Pay Matrix के आधार पर पैंशन का पुनः संसोधन इत्यादि के निवारण हेतु ज्ञापन सौंपने के बावजूद HRTC पैंशनरों के प्रति सरकार का व्यवहार गैरजिम्मेदाराना व भेदभावपूर्ण रहा। “क्या यही व्यवस्था परिवर्तन है क्या यही है व्यवस्था परिवर्तन, परिणामस्वरूप वरिष्ठ नागरिको व पैंशनरों को ही जानबूझकर परेशान व प्रताड़ित करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। सरकार व प्रबंधन के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार और असंवेदनहीनता के कारण 15 अक्टूबर, 2025 को शिमला की सड़को पर अभूतपूर्व प्रचण्ड व शान्तिपुर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा, क्योंकि धरना प्रदर्शन में HRTC के 9000 के लगभग सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी संगठनों संघर्ष समिति के झण्डे तले एक साथ संगठित हैं।
