मंडी -प्रदेश के डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने और दुग्ध उत्पादकों की आवाज़ राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से पूर्व मिल्कफेड चेयरमैन निहाल चंद शर्मा ने नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के चेयरमैन मीनिश शाह से महत्वपूर्ण मुलाकात की।
इस दौरान निहाल चंद शर्मा ने हिमाचल प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने डेयरी ढांचे को मजबूत करने, तथा सहकारी संस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों और पशुपालकों को उनका अधिकार दिलाने के लिए वे हर स्तर पर लगातार प्रयासरत रहेंगे।मीनिश शाह, जो नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के भी चेयरमैन हैं, ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों का भी स्वागत किया गया।
निहाल चंद शर्मा ने कहा कि डेयरी क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सही नीतियों और ठोस योजनाओं के साथ कार्य करे, तो हिमाचल प्रदेश को डेयरी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने कांगड़ा जिले के ढगवार (Dagwar) में स्थापित हो रहे अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार के समय किए गए प्रयासों का परिणाम है। उसे समय निहालचंद शर्मा इस बोर्ड में हिमाचल प्रदेश की तरफ से सदस्य नियुक्त हुए थे lउन्होंने बताया कि इस प्लांट की प्रारंभिक क्षमता लगभग 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन तक किया जा सकता है।निहाल चंद शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के लिए आय के नए अवसर पैदा करेंगी और डेयरी क्षेत्र को नई मजबूती प्रदान करेंगी।
