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मंडी-माकपा की मंडी जिला कमेटी की बैठक आज मंडी में राज्य सचिवालय सदस्य ओंकार शाद की उपस्थिति में संम्पन्न हुई. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस बार मानसून में प्रदेश सभी के अनेक भागों में आपदा में बादल फटने, भारी बारिश, बाढ़, जमीन धंसने और भूस्खलन से भारी नुक्सान हुआ है. लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी जिला ही रहा है।राज्य सरकार द्वारा विशेष राहत पैकेज की घोषणा तो की गई, लेकिन अधिकाँश प्रभावितों को अभी भी मुआवजे की राशी प्राप्त नहीं हुई है. केवल कुछ लोगों को ही फौरी राहत के रूप में कुछ सहायता प्राप्त हुई है।सितम्बर माह में प्रदेश के अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रदेश को 1500 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान करने की घोषणा पर भी केंद्र सरकार ने कोई अमल नहीं किया है। आपदा से निपटने के लिए नियमित रूप से राज्यों को दी जाने वाली राशि के अलावा केंद्र सरकार कोई भी विशेष राहत पैकेज के रूप में आर्थिक सहायता प्रदेश को नहीं दे रही है। माकपा ने केंद्र सरकार से इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने तथा 5 हजार करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज देने की मांग की है। इसके साथ ही आपदा प्रभावित लोगों को जमीन के बदले जमीन देने के लिए वन सरंक्षण क़ानून 1980 में संशोधन करने की मांग की है। NHAI द्वारा किये जा रहे फोरलेन सड़कों के निर्माण से हर जगह बहुत नुकसान हो रहा है। निर्माण कार्य में लगी कम्पनियां बेतरतीब खुदाई और घटिया काम कर रही हैं। जिससे लोगों के घरों व जमीनों को भारी नुकसान हो रहा है। निर्माण कार्य से भूस्खलन व जमीन धंसने से हो रही क्षति की पूर्ति के लिए NHAI व कम्पनियां कोई भी उचित मुआवजा नहीं देती हैं। जिस कारण किसान एवं प्रभावित लोग बेहद संकट में हैं.
डॉ. ओंकार शाद ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार जनता की सुविधाएँ और साधनों को छीन कर पूंजीपतियों के हवाले कर रही है। जनता पर टैक्स थोम्पे जा रहे हैं और पूंजीपतियों को आर्थिक पैकेज दिए जा रहे हैं साथ ही पब्लिक सेक्टर को कमजोर किया जा रहा है। सेवाओं को महंगा किया जा रहा है और उनका निजीकरण किया जा रहा है। राज्य सरकार भी मोदी सरकार की इन्हीं जनविरोधी नीतियों का अनुसरण कर रही है। उन्होंने कहा कि दलितों और समाज के कमजोर तबकों के खिलाफ आक्रमण बढ़ रहे हैं तथा उनका उत्पीडन और भेदभाव बढ़ रहा है। माकपा जनता को लामबंद कर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ, दलित उत्पीडन के खिलाफ तथा मजदूरों किसानों के मुद्दों पर संघर्ष तेज करेगी।
बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने बताया कि आपदा प्रभावितों के मुद्दे पर 5 नवम्बर को मंडी के विश्वकर्मा हॉल में राज्य स्तरीय अधिवेशन तथा फोरलेन एवं भूमि अधिग्रहण प्रभावितों के मुद्दों पर 12 नवम्बर को सरकाघाट में राज्य स्तरीय अधिवेशन किया जाएगा। 5,नवम्बर को ही दोपहर बाद मंडी में जिला स्तरीय मजदूर किसान एकता अधिवेशन किया जाएगा। 7 नवम्बर को मंडी में दलित उत्पीडन से सम्बंधित मुद्दों पर अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। इसी शाम को फिलिस्तीनी जनता पर इजरायल के अत्याचारों के मुद्दे पर सेमीनार का आयोजन कर एकजुटता व्यक्त की जायेगी. इससे पहले अमेरिकी राष्टप्रति द्वारा थोम्पे गए टैरिफ एवं आतंकवाद के खिलाफ मंडी, जोगिन्दर नगर, सरकाघाट, नेरचौक, बालीचौकी व जंजैहली में प्रदर्शन किये जायेंगे। कुशाल भारद्वाज ने बताया कि 26 नवम्बर को मंडी, जोगिन्दर नगर, सरकाघाट, बालीचौकी व निहरी में मजदूरों किसानों के मुद्दों और स्थानीय मुद्दों पर प्रदर्शन किये जायेंगे। बैठक में कुशाल भारद्वाज, भूपेन्द्र सिंह, महेंद्र राणा, सुरेश सरवाल, जोगिन्दर वालिया, राजेश शर्मा, भीम सिंह, गुरदास वर्मा, सीमा, जगमेल ठाकुर, गोपेन्द्र, ऋत्विक आदि भी उपस्थित थे.
