मंदी -भाषा एवं संस्कृति विभाग मंडी की ओर से नई पहल करते हुए संस्कृति सदन मोतीपुर मंडी में किताब घर की शुरूआत की है। जिसका शुभारंभ अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिहं ने किया। उन्होंने संस्कृति सदन में स्थित लायब्रेरी हाल में विधिवत रूप से किताब घर का उदघाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं प्रशासन की ओर से युवाओं के लिए अध्ययन केंद्र के रूप में पुस्तकालयों की स्थापना की जा रही है। जिससे उन्हें प्रतियोगी एवं तकनीकी पुस्तकों के अलावा स्थानीय साहित्यकारों की किताबें भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
जिससे उन्हें अपने परिवेश, साहित्य और संस्कृति को जानने समझने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि किताबों से युवा पीढ़ी को जिंदगी के अनुभवों और जीवन मूल्यों को जानने और समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का भी यह प्रयास रहेगा कि पुस्तकालयों में युवाओं के लिए न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी ही पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाए। बल्कि साहित्य, संस्कृति, इतिहास से संबंधित पुस्तकें और स्थानीय साहित्यकारों की महत्वपूर्ण पुस्तकों को स्थान दिया जाए। इसके लिए उन्होंने भाषा विभाग को भी बधाई दी है। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने कहा कि विभाग की ओर से हर जिला में शिमला के गेयटी थियेटर की तर्ज पर किताब घर स्थापित करने की है। जिसमें स्थानीय साहित्यकारों की पुस्तकों को पाठकों और ग्राहकों के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने मंडी जिला के सभी साहित्यकारों से आग्रह किया है कि वे अपनी लिखी हुई पुस्तकों की दो प्रतियां किताब घर में बिक्री के लिए उपलब्ध करवाए। उन्होंने बताया कि पुस्तकों की बिक्री से कुछ राशि कमीशन के रूप में काट कर लेखकों को भेज दी जाएगी। इस अवसर पर मंडी के कुछ साहित्यकारों ने अपनी पुस्तकों को किताबघर में उपलब्ध करवा दिया है। इस नई पहल का सभी साहित्यकारों ने स्वागत किया है। जिससे जरूरतमंद पाठकों को एक छत के नीचे मंडी जिला के साहित्यकारों की किताबें आसानी से सुलभ हो पाएगी। इस अवसर पर साहित्यकार राकेश कपूर, रूपेश्वारी शर्मा, जगदीश कपूर, हरिप्रिया शर्मा, निमर्ला चंदेल, किरण गुलेरिया, पौमिला ठाकुर, मीना शर्मा, विद्या शर्मा, सरिता हांडा, भगत सिंह गुलेरिया, एसपी वैद्या, धर्मचंद वर्मा आदि मौजूद रहे।
