मंडी-मंडी जिले में ई.एम.सी. शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन डाइट में किया गया।समग्र शिक्षा, शिक्षा विभाग की एन्त्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट क्लासेज़ (ई.एम.सी.) परियोजना के अंतर्गत तीन-दिवसीय शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन 25,26 और 27 नवम्बर को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान मंडी में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेश शर्मा तथा कार्यक्रम संचालन में ज़िला परियोजना अधिकारी (डी.पी.ओ.) मीना कुमारी , स्टेट प्रोजेक्ट को ऑर्डिनेटर सोनिया शर्मा और जिला प्रोजेक्ट को ऑर्डिनेटर डॉक्टर दिनेश कुमार के मार्गदर्शन और समर्थन में किया गया। इस प्रशिक्षण में मंडी जिले के 20 चयनित सरकारी विद्यालयों के 40 शिक्षकों ने भाग लिया।कार्यशाला का आयोजन डाइट मंडी परिसर में किया गया, जहाँ धर्मवीर के प्रशासनिक सहयोग से सभी व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से सुनिश्चित की गई।प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को ई.एम.सी. पाठ्यक्रम से अवगत कराया गया, जो यूनेस्को के “फ़ोर पिलर्स ऑफ़ एजुकेशन” पर आधारित है। ट्रेनर्स ने शिक्षकों को हैंड्स–ऑन लर्निंग, गेमिफ़ाइड टीचिंग–लर्निंग मेथड्स, तथा ई.एम.सी. के डिजिटल एल.एम.एस. (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, आइडिएशन, प्रॉब्लम–सॉल्विंग, बिज़नेस मॉडल डेवलपमेंट, फ़ाइनेंशियल लिटरेसी और प्रोजेक्ट–बेस्ड लर्निंग के माध्यम से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने की व्यावहारिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।शिक्षकों को कक्षा गतिविधियों, छात्र परियोजना–प्रक्रिया और मूल्यांकन पद्धतियों का प्रदर्शन भी कराया गया, ताकि वे विद्यालय स्तर पर ई.एम.सी. को प्रभावी और आकर्षक तरीके से संचालित कर सकें। कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शिक्षक ही वे केंद्रीय बदलावकर्ता हैं जो विद्यार्थियों में नेतृत्व, रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमशील सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।तीन दिवसीय यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम शिक्षकों और DIET फैकल्टी के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ और इससे मंडी जिले में ई.एम.सी. कक्षाओं के सफल क्रियान्वयन का मार्ग और अधिक सशक्त हुआ है।
